
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जिसने राजधानी दिल्ली के भीषण होटल और फैक्ट्री अग्निकांडों की खौफनाक यादें ताजा कर दी हैं। कोलकाता के एक व्यस्त इलाके में स्थित बहुमंजिला होटल में अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। होटल की ऊपरी मंजिलों पर अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसे देखते हुए दमकल और पुलिस की टीमें बड़े पैमाने पर युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं।
कैसे शुरू हुआ अग्निकांड और कैसे फैला धुआं?
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, आग आधी रात के बाद होटल के निचले तल या बिजली के पैनल वाले हिस्से में लगी। इमारत के अंदर लकड़ी का इंटीरियर और फॉल्स सीलिंग का अत्यधिक काम होने के कारण लपटों ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते सीढ़ियों और गलियारों में घना और जहरीला काला धुआं भर गया। चूंकि अधिकांश मेहमान और स्टाफ उस समय गहरी नींद में थे, इसलिए उन्हें संभलने या भागने का मौका नहीं मिला। अधिकांश लोगों की मौत आग की लपटों से जलने के बजाय धुएं में दम घुटने (Asphyxiation) के कारण हुई बताई जा रही है।
दिल्ली जैसे हादसों की पुनरावृत्ति: खिड़कियों से कूदने की कोशिश
हादसे का मंजर इतना भयावह था कि जान बचाने के लिए कई मेहमान खिड़कियों और बालकनी से मदद की गुहार लगाते दिखे। कुछ लोगों ने चादरों और पर्दों के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की, जिसमें कई लोग गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) का रास्ता या तो बंद था या संकरा होने के कारण पूरी तरह धुएं से अवरुद्ध हो चुका था, जिसके कारण अंदर मौजूद लोग एक गैस चैंबर जैसे माहौल में फंस गए।
दमकल विभाग का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन और हाइड्रोलिक सीढ़ी का इस्तेमाल
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 15 से अधिक गाड़ियां और त्वरित प्रतिक्रिया बल (Quick Response Team) मौके पर पहुंचे।
-
खिड़कियां तोड़कर बचाव: दमकल कर्मियों ने कांच की खिड़कियां तोड़कर अंदर फंसे लोगों तक ताजी हवा पहुंचाने और उन्हें बाहर निकालने का काम शुरू किया।
-
हाइड्रोलिक लैडर: ऊपरी मंजिलों पर फंसे दर्जनों लोगों को हाइड्रोलिक सीढ़ी और क्रेन की मदद से सुरक्षित नीचे उतारा गया।
-
अस्पताल में भर्ती: झुलसे और बेहोश हुए लोगों को तुरंत नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भेजा गया है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
फायर सेफ्टी ऑडिट और नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल
इस भीषण त्रासदी ने एक बार फिर कॉमर्शियल इमारतों और होटलों में फायर सेफ्टी नियमों की खुली अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि होटल के पास अनिवार्य फायर एनओसी (Fire NOC) और ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम चालू हालत में नहीं थे।
पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली है और फोरेंसिक टीम को आग लगने के सटीक कारणों (जैसे शॉर्ट सर्किट या गैस रिसाव) की पड़ताल के लिए बुलाया गया है। स्थानीय प्रशासन ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और जिम्मेदार होटल प्रबंधन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित कई सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
UK News