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कौन हैं वी. कामेश्वर राव? जो जल्द संभालेंगे पटना हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश का पदभार

बिहार के न्यायिक इतिहास में जल्द ही एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश के सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम ने एक अहम फैसले के तहत दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव (Justice V. Kameswar Rao) को पटना हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) नियुक्त करने की संस्तुति कर दी है। केंद्र सरकार की औपचारिक मुहर और अधिसूचना जारी होने के बाद वह पटना उच्च न्यायालय के अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगे। आइए जानते हैं कि न्यायिक जगत में अपनी विशिष्ट कार्यशैली और अनुभव के लिए पहचाने जाने वाले जस्टिस वी. कामेश्वर राव कौन हैं और उनका अब तक का सफर कैसा रहा है।

जानिए कौन हैं न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव और उनका शुरुआती जीवन

मूल रूप से आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले परिवार में जन्मे न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव की शुरुआती और उच्च शिक्षा राजधानी नई दिल्ली में ही पूरी हुई है। उन्होंने प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय से वर्ष 1987 में भूगोल विषय में बीए (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की और इसके बाद वर्ष 1990 में यहीं से एलएलबी (LL.B.) की कानूनी शिक्षा पूरी की। अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का परिचय देते हुए उन्होंने कॉलेज के दिनों में ही अपनी विशेष योग्यता के लिए मेधा प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया था। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने मार्च 1991 में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में एक अधिवक्ता के रूप में अपना पंजीकरण कराया और वकालत की दुनिया में कदम रखा।

वकालत से लेकर न्याय के उच्च पदों तक का शानदार सफर

न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव ने अपने दो दशक से अधिक लंबे वकालत के करियर के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) सहित कई प्रमुख अदालतों में पैरवी की। इस दौरान उन्होंने सेवा कानून (Service Law), श्रम कानून (Labour Law), संविधान और प्रशासनिक मामलों से जुड़े जटिल मुकदमों में अपनी गहरी पकड़ बनाई। कानूनी क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और अनुभव को देखते हुए जनवरी 2010 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 'सीनियर एडवोकेट' (वरिष्ठ अधिवक्ता) के रूप में नामित किया था। इसके बाद अप्रैल 2013 में उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और मार्च 2015 में वह इसके स्थायी न्यायाधीश बन गए। अपने कार्यकाल के दौरान वह कुछ समय के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट में भी सेवारत रहे और वहां कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) की जिम्मेदारी भी सफलतापूर्वक निभाई।

पटना हाईकोर्ट में न्यायिक प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

वर्तमान में पटना हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त होने के कारण प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों का संचालन कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के जिम्मे है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा जस्टिस वी. कामेश्वर राव के नाम की संस्तुति किए जाने के बाद अब कानूनी हलकों में यह उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में राज्य की सबसे बड़ी अदालत के कामकाज को और अधिक गति मिलेगी। केंद्र सरकार से औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद वह जल्द ही पटना पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण करेंगे, जिससे बिहार की न्याय व्यवस्था को एक नया और मजबूत मार्गदर्शन प्राप्त होगा।