
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आगामी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक को लेकर वित्तीय बाजारों में हलचल तेज हो गई है। आम जनता से लेकर बड़े निवेशकों तक हर कोई इस बात का इंतजार कर रहा है कि क्या इस बार भी रीपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव होगा या दरों को स्थिर रखा जाएगा। खुदरा महंगाई के आंकड़ों और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सेंट्रल बैंक का यह फैसला देश के आम आदमी की होम लोन और कार लोन की EMI पर सीधा असर डालेगा।
खुदरा महंगाई और रीपो रेट पर बाजार की कड़ी नजर
देश में महंगाई के मोर्चे पर मिली-जुली तस्वीर सामने आने के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई इस बार भी रीपो रेट को मौजूदा स्तर पर ही बनाए रख सकता है। केंद्रीय बैंक का मुख्य उद्देश्य देश में आर्थिक विकास की रफ्तार को बनाए रखते हुए महंगाई को नियंत्रित करना है। जब तक मुद्रास्फीति पूरी तरह से सुरक्षित दायरे में नहीं आ जाती, तब तक ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद करना जल्दबाजी हो सकता है। यही वजह है कि शेयर बाजार और बैंकिंग सेक्टर के तमाम एक्सपर्ट्स इस बैठक के नतीजों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।
होम लोन लेने वालों और आम आदमी पर क्या होगा असर?
यदि आरबीआई इस बार भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करता है, तो इसका मतलब साफ है कि आपकी मौजूदा होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन की EMI में कोई राहत नहीं मिलने वाली है। हालांकि, दरों का स्थिर रहना इस बात का भी संकेत है कि आने वाले दिनों में बाजार में स्थिरता बनी रहेगी। अगर आप नया कर्ज लेने की सोच रहे हैं या पहले से ही लोन चुका रहे हैं, तो आपको अपनी वित्तीय प्लानिंग करते समय आरबीआई के इस रुख को ध्यान में रखना बेहद जरूरी होगा।
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