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क्या मोटापा घटाने वाली दवाइयां छीन रही हैं औरतों का वजूद? लिजो ने दी कड़ी चेतावनी:

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News India Live, Digital Desk : आज हम एक ऐसे मुद्दे पर बात करने वाले हैं जो कहीं न कहीं हम सबको प्रभावित करता है हमारा शरीर और समाज की सोच।अभी हाल ही में ग्रैमी अवार्ड जीतने वाली मशहूर अमेरिकन सिंगर लिज़ो (Lizzo) ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने फैशन और हेल्थ की दुनिया में खलबली मचा दी है। जो लिज़ो हमेशा से ‘प्लस-साइज’ होने को सेलिब्रेट करती थीं, आज उन्हें एक डर सता रहा है।

उन्होंने साफ लफ्जों में कहा है कि आज कल चल रहा ‘Ozempic Boom’ (वजन घटाने वाली दवाइयों का चलन) प्लस-साइज महिलाओं को समाज से धीरे-धीरे “मिटा” (Erase) रहा है।

आखिर लिज़ो को किस बात का डर है?

लिज़ो ने एक बहुत ही गंभीर बात छेड़ी है। उनका कहना है कि जिस ‘बॉडी पॉजिटिविटी मूवमेंट’ (Body Positivity) के लिए उन्होंने और उनके जैसी कई महिलाओं ने सालों लड़ाई लड़ी, अब वह कमजोर पड़ रहा है।
आजकल हर कोई बस ‘पतला’ होने की दौड़ में है। लोग ‘ओज़ेम्पिक’ (Ozempic) जैसी डायबिटीज और वेट लॉस दवाओं का इस्तेमाल करके धड़ाधड़ वज़न घटा रहे हैं। लिज़ो का मानना है कि इसका नतीजा यह हो रहा है कि “अब वेबसाइट्स से और विज्ञापनों से प्लस-साइज मॉडल गायब होती जा रही हैं।”

लिज़ो कहती हैं— “ऐसा लग रहा है जैसे हमें फिर से उसी दौर में धकेला जा रहा है जहाँ सिर्फ पतला होना ही ‘सुंदर’ माना जाता था। हमें इस ओज़ेम्पिक बूम के असर को पलटना (Undo) होगा।”

बॉडी पॉजिटिविटी: व्यापार या सच्चाई?

लिज़ो ने दुख जताते हुए कहा कि जिस आंदोलन का मकसद था कि मोटे, अलग दिखने वाले या शारीरिक रूप से अलग लोगों को ‘अपनापन’ महसूस हो, उसे अब कंपनियों ने सिर्फ ‘बेचने’ का जरिया बना लिया था। और अब, जब पतला होना वापस ट्रेंड में आ गया है, तो उन्हीं कंपनियों ने प्लस-साइज महिलाओं से मुंह फेर लिया है।

लिज़ो की अपनी वेट लॉस जर्नी

मज़ेदार बात यह है कि लिज़ो ने खुद पिछले कुछ समय में काफी वजन कम किया है। इसके लिए उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया गया। लोगों ने उन पर भी ‘ओज़ेम्पिक’ लेने का आरोप लगाया।
लेकिन लिज़ो ने इसका भी बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने बताया कि उनकी यह जर्नी “पतला होकर समाज को खुश करने के लिए नहीं” थी, बल्कि अपनी मेंटल हेल्थ और शरीर को ताकतवर बनाने के लिए थी। उन्होंने जिम और डाइट का रास्ता चुना, न कि दवाओं का।

वह कहती हैं, “मैं आज भी वही लिज़ो हूँ। वज़न कम हो या ज्यादा, मुझे अपनी पहचान पर गर्व है।” रा हक़ है। लिज़ो की यह चेतावनी इसी बात की याद दिलाती है।

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