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गैस सिलेंडर का झंझट होगा खत्म: केंद्र सरकार ने राज्यों को लिखा पत्र, PNG कनेक्शन को लेकर होने जा रहा है यह बड़ा बदलाव

रसोई गैस उपभोक्ताओं को बार-बार सिलेंडर बुक कराने, डिलीवरी के इंतजार और खत्म होने के झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने एक राष्ट्रव्यापी और महत्वाकांक्षी योजना पर काम तेज कर दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को एक औपचारिक पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि जहां भी गैस पाइपलाइन का नेटवर्क पहुंच चुका है, वहां तेजी से घरों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) से जोड़ा जाए। इस बदलाव को जमीनी स्तर पर सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकारों से जिला स्तर पर प्रशासनिक सहयोग और नोडल अधिकारियों की तैनाती करने को कहा गया है।

राज्यों को भेजे गए पत्र में क्या हैं प्रमुख निर्देश?

पेट्रोलियम सचिव द्वारा राज्यों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि देश के ऊर्जा बदलाव (Energy Transition) और उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए पीएनजी को तेजी से अपनाना आवश्यक है:

  • जिला स्तर पर नोडल अधिकारी: हर जिले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग (Food & Civil Supplies) के वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।

  • पीएनजी समन्वय समिति (PCC): हर भौगोलिक क्षेत्र में पीएनजी कोआर्डिनेशन कमेटी का गठन किया जाएगा, जो सोसायटियों और मोहल्लों में पाइपलाइन बिछाने के लिए राइट ऑफ वे (Right of Way) और जरूरी अनुमतियां दिलाने में मदद करेगी।

  • जागरूकता और शिकायत निवारण: उपभोक्ताओं को पीएनजी के सुरक्षा फायदों के प्रति जागरूक करने और संक्रमण प्रक्रिया में आने वाली शिकायतों का मौके पर निपटारा करने की व्यवस्था की जाएगी।

सिलेंडर के बजाय पीएनजी पर क्यों फोकस कर रही है सरकार?

भारत अपनी कुल घरेलू एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री मार्गों में व्यवधान आने पर आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने का जोखिम रहता है।

पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का दायरा बढ़ाने से ट्रकों और भारी वाहनों के जरिए सिलेंडर ढोने का भारी लॉजिस्टिक्स खर्च बचेगा, कार्बन उत्सर्जन घटेगा और उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध व सस्ती गैस की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही सरकार ने सीजीडी कंपनियों के लिए सस्ती घरेलू गैस (APM Gas) के आवंटन की प्रोत्साहन योजना को भी मंजूरी दी है, जिससे कनेक्शन बिछाने की लागत वसूली की अवधि तेजी से घटेगी।

दोहरे कनेक्शन पर रोक और नए नियम

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अधिसूचित एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर्स और संबंधित नियमों के अनुसार, जिन रिहायशी कॉलोनियों और हाउसिंग सोसायटियों में पीएनजी की लाइन चालू हो चुकी है, वहां रहने वाले उपभोक्ताओं को दोहरे कनेक्शन (Simultaneous LPG and PNG) रखने की अनुमति नहीं होगी।

पीएनजी लाइन उपलब्ध होने के बाद विधिवत नोटिस मिलने पर उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन अपनाना होगा और अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा। यदि कोई उपभोक्ता उपलब्ध नेटवर्क के बावजूद पीएनजी अपनाने से मना करता है, तो तय समय-सीमा के बाद उस पते पर एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी बंद की जा सकती है।

सिलेंडर सरेंडर और रिफंड की व्यवस्था

सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को बदलाव के दौरान किसी तरह का वित्तीय नुकसान नहीं होगा। जब उपभोक्ता अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करेंगे, तो तेल कंपनियां कनेक्शन लेते समय जमा की गई सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि को सीधे उपभोक्ता के खाते में रिफंड करेंगी और टर्मिनेशन वाउचर जारी करेंगी।

वहीं जिन ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में अभी पाइपलाइन नेटवर्क नहीं पहुंचा है, वहां पहले की तरह पारंपरिक एलपीजी सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रहेगी। यह राष्ट्रव्यापी पहल आने वाले समय में देश के करोड़ों घरों की रसोई को अधिक सुरक्षित, किफायती और आधुनिक बनाने जा रही है।