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घर के मंदिर में क्यों नहीं रखनी चाहिए शनिदेव की मूर्ति? जानें वो ज्योतिषीय कारण, जिससे आती है घर में अशांति

News India Live, Digital Desk: हिंदू धर्म में शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है। शनिवार के दिन मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन आपने गौर किया होगा कि लोग घर में शनिदेव की प्रतिमा स्थापित नहीं करते। शास्त्रों के अनुसार, घर में शनिदेव की मूर्ति या तस्वीर रखना वर्जित माना गया है। यदि कोई अनजाने में ऐसा करता है, तो उसे आर्थिक, मानसिक और शारीरिक कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।पौराणिक कारण: पत्नी का वो ‘भयानक’ श्रापपौराणिक कथाओं के अनुसार, शनिदेव को उनकी पत्नी ने एक श्राप दिया था। कहा जाता है कि शनिदेव भगवान कृष्ण की भक्ति में इतने लीन थे कि उन्होंने अपनी पत्नी की ओर ध्यान नहीं दिया। क्रोधित होकर उनकी पत्नी ने श्राप दिया कि शनिदेव जिसे भी अपनी ‘नग्न आंखों’ से देखेंगे, उसका विनाश हो जाएगा। यही कारण है कि उनकी दृष्टि को ‘वक्र दृष्टि’ या अशुभ माना जाता है। घर में मूर्ति होने पर उनकी दृष्टि परिवार के सदस्यों पर पड़ सकती है, जो अशांति का कारण बनती है।ज्योतिषीय दृष्टिकोण: शनि की ऊर्जा और घर का वातावरणज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि एक क्रूर और वैराग्य के देवता हैं। उनकी ऊर्जा बहुत भारी और अनुशासनात्मक होती है।मंदिर बनाम घर: मंदिर एक सार्वजनिक स्थान है जहाँ मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा विशिष्ट विधि से की जाती है, लेकिन घर एक ऐसी जगह है जहाँ हम सांसारिक सुखों में रहते हैं। शनि की ऊर्जा वैराग्य की ओर ले जाती है, जो गृहस्थ जीवन के अनुकूल नहीं मानी जाती।वास्तु दोष: घर में शनिदेव की मूर्ति रखने से वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है, जिससे घर की सकारात्मक ऊर्जा बाधित होती है।अगर शनिदेव की पूजा करनी हो, तो घर पर कैसे करें?शास्त्रों में घर पर शनिदेव की उपासना के लिए मूर्ति के बजाय अन्य विकल्प बताए गए हैं:तस्वीर के बजाय मनन: शनिदेव का ध्यान मन में करें या उनके मंत्रों का जाप करें।दीपक जलाना: घर के मुख्य द्वार पर या पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना सबसे उत्तम माना जाता है।शनि यंत्र: यदि आप शनि की कृपा चाहते हैं, तो घर में मूर्ति के स्थान पर ‘शनि यंत्र’ स्थापित कर सकते हैं, लेकिन इसकी पूजा भी बेहद सावधानी से होनी चाहिए।हनुमान जी की पूजा: घर में हनुमान जी की पूजा करने से शनिदेव स्वतः ही प्रसन्न हो जाते हैं और उनका दुष्प्रभाव कम होता है।भूलकर भी न करें ये गलतीयदि आप मंदिर में शनिदेव के दर्शन कर रहे हैं, तो कभी भी उनकी आंखों में सीधे न देखें। हमेशा उनके चरणों के दर्शन करने चाहिए। घर में उनकी ऐसी कोई भी तस्वीर न लगाएं जिसमें उनकी दृष्टि सामने की ओर हो।