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जगन्नाथ पुरी मंदिर के 4 दरवाज़े सिर्फ़ रास्ता नहीं, जीवन जीने का पूरा सार छिपा है इनमें

News India Live, Digital Desk: जब भी हम किसी मंदिर में जाते हैं, तो मुख्य द्वार से प्रवेश करते हैं और दर्शन करके लौट आते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि किसी मंदिर के दरवाज़े भी अपने आप में कोई गहरा रहस्य छिपाए हो सकते हैं? ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर सिर्फ़ एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि एक ऐसा अद्भुत स्थान है जिसके कण-कण में रहस्य और ज्ञान समाया हुआ है।इस मंदिर के चार दिशाओं में बने चार दरवाज़े सिर्फ़ आने-जाने के रास्ते नहीं हैं, बल्कि ये इंसान के जीवन के चार प्रमुख लक्ष्यों – धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का प्रतीक हैं । आइए, आज इन दरवाज़ों के पीछे छिपे गहरे मतलब को आसान भाषा में समझते हैं।1. सिंह द्वार: जहां से मिलता है मोक्ष का रास्तायह मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार है, जो पूर्व दिशा में है। इसे ‘सिंह द्वार’ इसलिए कहते हैं क्योंकि इसके दोनों तरफ़ दो विशाल सिंहों की मूर्तियाँ हैं, जो किसी रक्षक की तरह खड़ी हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यह दरवाज़ा ‘धर्म’ का प्रतीक है, यानी सही और नेक रास्ते पर चलने का संदेश देता है।लेकिन इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे ‘मोक्ष द्वार’ भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि अगर कोई भक्त इस दरवाज़े से मंदिर में प्रवेश करता है, तो उसे जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति यानी मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह दरवाज़ा हमें सिखाता है कि धर्म के रास्ते पर चलकर ही इंसान मोक्ष तक पहुंच सकता है।2. व्याघ्र द्वार: ज्ञान और इच्छाओं की पूर्ति का मार्गपश्चिम दिशा में स्थित इस दरवाज़े को ‘व्याघ्र द्वार’ या ‘बाघ का दरवाज़ा’ कहा जाता है। यह दरवाज़ा इंसान के जीवन की ‘कामनाओं’ यानी इच्छाओं से जुड़ा है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह किसी भी तरह की इच्छा पूरी करने की बात करता है। यह सही और धर्म के दायरे में आने वाली इच्छाओं की पूर्ति का प्रतीक है।साथ ही, यह ज्ञान और विवेक का भी प्रतिनिधित्व करता है। यह हमें सिखाता है कि अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए ज्ञान और समझ का होना कितना ज़रूरी है, ताकि हम कभी गलत रास्ते पर न जाएं।3. अश्व द्वार: सफलता और शक्ति का प्रतीकयह दरवाज़ा मंदिर के उत्तर में स्थित है और इसका नाम ‘अश्व द्वार’ या ‘घोड़े का दरवाज़ा’ है। जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर है, घोड़ा शक्ति, विजय और सफलता का प्रतीक माना जाता है। यह दरवाज़ा जीवन के ‘अर्थ’ यानी धन, समृद्धि और सफलता से जुड़ा हुआ है।यह हमें यह संदेश देता है कि जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत और शक्ति का सही इस्तेमाल करना चाहिए। यह दरवाज़ा उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो अपने जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं।4. हस्ति द्वार: धन और समृद्धि का रास्तादक्षिण दिशा में स्थित इस दरवाज़े को ‘हस्ति द्वार’ या ‘हाथी का दरवाज़ा’ कहा जाता है। हाथी को हमेशा से ही धन, ऐश्वर्य और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। यह दरवाज़ा भी इन्हीं चीज़ों का प्रतिनिधित्व करता है। ज़्यादातर साधु-संत और ज्ञानी लोग इसी द्वार से प्रवेश करते हैं। यह दरवाज़ा हमें बताता है कि धन और समृद्धि के साथ-साथ मन की शांति और सात्विक जीवन जीना भी ज़रूरी है।अगली बार जब आप जगन्नाथ पुरी जाएं, तो इन दरवाज़ों को सिर्फ़ एक ढांचा मत समझिएगा। ये दरवाज़े हमें सिखाते हैं कि धर्म के रास्ते पर चलकर, ज्ञान के साथ अपनी इच्छाओं को पूरा करके और मेहनत से सफलता हासिल करके ही एक संतुलित और सफल जीवन जिया जा सकता है।