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जब म्यूजिक डीलर ने खेसारी के मुंह पर फेंक दी थी कैसेट: मां को दी भद्दी गालियां, 3 दिन फुटपाथ पर सोकर तय किया फर्श से अर्श का सफर

भोजपुरी सिनेमा के 'ट्रेंडिंग स्टार' खेसारी लाल यादव आज जिस कामयाबी के शिखर पर हैं, वहां तक पहुंचने की उनकी राह आसान नहीं थी। आज भले ही उनके नाम भर से करोड़ों की डील फाइनल हो जाती है और उनके गाने रिलीज होते ही यूट्यूब पर धमाल मचा देते हैं, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब अपनी पहली एल्बम को बाजार में उतरवाने के लिए उन्हें दर-दर की ठोकरें खानी पड़ी थीं। अपनी आवाज का जादू चलाने के लिए उन्होंने अपमान के कड़वे घूंट पीए और तीन दिनों तक फुटपाथ पर रातें गुजारीं।

गांव के छोटे कार्यक्रमों से की थी शुरुआत बिहार की माटी से उठकर दुनियाभर के दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले खेसारी लाल यादव का शुरुआती जीवन बेहद गरीबी और अभावों में बीता। परिवार का पेट पालने के लिए उन्होंने लिट्टी-चोखा बेचने से लेकर हर छोटा-बड़ा काम किया। गायकी का शौक बचपन से था, इसलिए वह गांव-देहात के छोटे-छोटे मांगलिक कार्यक्रमों और सांकर्तनों में गाया करते थे। वहां से मिलने वाले मामूली पैसों से वह अपना गुजारा करते थे और किसी तरह पैसे बचाकर अपनी पहली म्यूजिक एल्बम रिकॉर्ड कराने का सपना संजो रहे थे।

जब म्यूजिक डीलर ने मुंह पर फेंकी कैसेट और दी गालियां खेसारी लाल यादव ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने शुरुआती दिनों का सबसे दर्दनाक किस्सा साझा करते हुए बताया था कि जब उन्होंने पाई-पाई जोड़कर अपनी पहली एल्बम की रिकॉर्डिंग कराई, तो वह बेहद उम्मीदों के साथ उसे लेकर बड़ी-बड़ी म्यूजिक कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के दफ्तरों के चक्कर काटने लगे। जब वह एक बड़े म्यूजिक डीलर के पास अपनी कैसेट लेकर पहुंचे, तो उसने न सिर्फ उनके गाने को बकवास बता दिया, बल्कि गुस्से में कैसेट को सीधे खेसारी के मुंह पर दे मारा। इतना ही नहीं, उस डीलर ने खेसारी की मां को लेकर बेहद भद्दी और गंदी गालियां भी दी थीं।

अपमान से टूट चुके थे खेसारी, आंखों में थे आंसू अचानक हुए इस घिनौने व्यवहार और मां के लिए बकी गई गालियों से खेसारी लाल यादव बुरी तरह टूट गए थे। उन्होंने बताया कि उस वक्त वह सड़क पर बैठकर फूट-फूटकर रोए थे, क्योंकि उस एक एल्बम को बनाने के लिए उन्होंने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था। उन्हें लगने लगा था कि उनका पूरा करियर और जमा-पूंजी खत्म हो गई है। हालांकि, इतने बड़े अपमान के बावजूद उन्होंने अपनी हिम्मत टूटने नहीं दी और अपने सपने को पूरा करने की ठान ली।

3 दिन तक गमछा बिछाकर फुटपाथ पर सोए 'ट्रेंडिंग स्टार' अपने स्वाभिमान को दरकिनार कर खेसारी ने अनोखा रास्ता अपनाया। वह लगातार तीन दिनों तक उसी म्यूजिक डीलर की दुकान के बाहर सड़क के फुटपाथ पर अपना गमछा बिछाकर सोए रहे। वह दिन भर धूप में खड़े रहते, फुटपाथ पर रात बिताते और रोज सुबह उठकर उस डीलर से कैसेट अपनी दुकान में रखने की मिन्नतें करते। आखिरकार खेसारी की यह अदम्य लगन और गांधीगिरी रंग लाई। डीलर का दिल पसीजा और उसने कैसेट बेचने के लिए राजीनामा दे दिया।

रातों-रात हिट हुआ गाना, फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और भोजपुरी इंडस्ट्री के इतिहास के पन्नों को देखें तो उस घटना ने खेसारी की किस्मत बदल कर रख दी। जिस गाने और कैसेट को म्यूजिक डीलर ने बकवास कहकर ठुकरा दिया था, दुकान पर लगते ही वह गाना रातों-रात पूरे बिहार और यूपी में सुपर-डुपर हिट हो गया। गानों की इतनी भारी डिमांड आई कि वही डीलर खेसारी को ढूंढने लगा। इसके बाद खेसारी लाल यादव ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर आज भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे बड़े और महंगे स्टार बन चुके हैं।