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जर्मनी के गुरुद्वारे में खूनी संघर्ष 40 सिखों के बीच चले लात-घूंसे, फायरिंग और पेपर स्प्रे से मचा हड़कंप

News India Live, Digital Desk: सात समंदर पार जर्मनी से एक ऐसी खबर आई है जिसने सिख समुदाय और भारतीय प्रवासियों को स्तब्ध कर दिया है। जर्मनी के एक गुरुद्वारे में आपसी विवाद इस कदर बढ़ा कि वहां मौजूद करीब 40 सिख आपस में भिड़ गए। शांति और सेवा के केंद्र गुरुद्वारे के भीतर हुई इस हिंसक झड़प में न केवल लात-घूंसे चले, बल्कि फायरिंग और पेपर स्प्रे का भी इस्तेमाल किया गया। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है और पूरे इलाके में तनाव का माहौल है।आखिर क्यों भिड़े 40 लोग? विवाद की असली वजहशुरुआती जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना गुरुद्वारा प्रबंधन और एक विशेष समूह के बीच वर्चस्व की लड़ाई को लेकर शुरू हुई। चश्मदीदों का कहना है कि बहस शुरू तो मामूली बात से हुई थी, लेकिन देखते ही देखते इसने उग्र रूप ले लिया। गुरुद्वारे के परिसर में मची इस अफरा-तफरी के बीच कुछ लोगों ने अवैध हथियारों से फायरिंग कर दी, जिससे वहां भगदड़ मच गई। हमलावरों ने विरोधियों को पस्त करने के लिए पेपर स्प्रे (मिर्ची स्प्रे) का भी जमकर इस्तेमाल किया, जिससे कई बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कई लोग हिरासत मेंजर्मनी की स्थानीय पुलिस को जैसे ही गुरुद्वारे में गोलीबारी की सूचना मिली, भारी संख्या में सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिंसा में शामिल कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। गुरुद्वारे के आसपास के इलाके को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटाने में लगी है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गनीमत रही कि फायरिंग में किसी की जान नहीं गई।विदेशों में सिख समुदाय की छवि पर सवाल?इस घटना के बाद जर्मनी में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि पवित्र धार्मिक स्थलों पर इस तरह की हिंसा न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह समुदाय की वैश्विक छवि को भी नुकसान पहुंचाती है। स्थानीय प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि धार्मिक स्थल के भीतर हथियार और पेपर स्प्रे कैसे पहुंचे। गुरुद्वारा कमेटी के अन्य सदस्यों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।