जामिया में भूगोल एवं पर्यावरण अध्ययन पर दो साप्ताहिक रिफ्रेशर कोर्स शुरू

नई दिल्ली : यूजीसी-मानव संसाधन विकास केंद्र, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग ने संयुक्त रूप से पूरे भारत से विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के 40 युवा
संकाय सदस्यों के प्रशिक्षण और कौशल संवर्द्धन के लिए 18 जनवरी से 1 फरवरी, 2022 तक भूगोल एवं पर्यावरण अध्ययन पर 19वां पुनश्चर्या पाठ्यक्रम (ऑनलाइन) शुरू किया | उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. वी.के. मल्होत्रा, सदस्य सचिव, भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), नई दिल्ली ने इस महत्वपूर्ण पुनश्चर्या कार्यक्रम के लिए आयोजकों को बधाई दी। वह ‘सतत विकास और पर्यावरण प्रबंधन‘ नामक विषय से भी प्रभावित हुए।प्रो. मल्होत्रा ने वैज्ञानिक समुदाय और शिक्षाविदों से सतत विकास, पर्यावरण प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन नियंत्रण, समावेशी विकास संबंधित उभरते मुद्दों पर काम करने और कोविड-19 महामारी के बाद एक लचीले समाज का पैथवे तैयार का आह्वान किया। उन्होंने ग्रीन एनर्जी और सोलर एलायंस के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में भारत सरकार के प्रभावशाली रिकॉर्ड को रेखांकित किया।उद्घाटन समारोह के विशिष्ट अतिथि प्रो. एम. इश्तियाक, पूर्व कुलपति, मगध विश्वविद्यालय एवं सेवानिवृत्त प्रोफेसर, भूगोल विभाग, जामिया ने पुनश्चर्या पाठ्यक्रम के विषय की सराहना की और सतत विकास को पूरा करने के लिए पर्यावरण प्रबंधन पर जोर दिया। प्रो. इश्तियाक ने ‘आत्मनिर्भर भारत‘ के मिशन को प्राप्त करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रायोजित विशेष आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज पर भी प्रकाश डाला।प्रो. एस.बी. सिंह, पूर्व अध्यक्ष तथा सेवानिवृत्त प्रोफेसर, भूगोल विभाग, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी भी विशिष्ट अतिथि थे। प्रो. सिंह ने सतत विकास प्राप्त करने के लिए 3ई अर्थात एनवायरनमेंट,एनर्जी और इकॉनमी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।प्रो. अनीसुर रहमान, निदेशक, यूजीसी-एचआरडीसी