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टल गई स्टेट बैंक की देशव्यापी हड़ताल, जानिए क्यों सोमवार और मंगलवार को परेशान होने की जरूरत नहीं

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के करोड़ों ग्राहकों के लिए इस हफ्ते की शुरुआत एक बेहद अच्छी और राहत भरी खबर के साथ हुई है। अगर आप भी सोमवार और मंगलवार को बैंक से जुड़े अपने जरूरी कामों, पैसों के लेन-देन या चेक क्लियरिंग को लेकर परेशान हो रहे थे, तो अब आपको फिक्र करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। Zee News के अनुसार, ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने 25 और 26 मई 2026 को होने वाली अपनी दो दिवसीय प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल को फिलहाल पूरी तरह टाल दिया है। इस फैसले के बाद देश भर में बैंक का कामकाज पूरी तरह सामान्य रूप से चलेगा। सभी शाखाएं खुली रहेंगी, सेवाएं रहेंगी बहाल हड़ताल स्थगित होने का सीधा और कड़ा मतलब यह है कि इस दौरान बैंक की किसी भी ब्रांच में तालाबंदी नहीं होगी। एसबीआई ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर इस बात की पुष्टि की है कि देश भर में उसकी सभी शाखाएं 25 और 26 मई को दोनों दिन आम दिनों की तरह ही खुली रहेंगी। बैंक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि स्टाफ फेडरेशन के साथ हुई बातचीत के बाद प्रस्तावित हड़ताल को आगे बढ़ा दिया गया है। ऐसे में ग्राहकों को रेगुलर बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाने में कोई बाधा नहीं आएगी। एसबीआई का विशाल नेटवर्क: एक नजर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक बहुत बड़ा बैंकिंग नेटवर्क संभालता है। बैंक की पहुंच और उसके बड़े आधार को हम नीचे दिए गए आंकड़ों से समझ सकते हैं: बैंक का पैमाना (Network Segment) कुल संख्या और आंकड़े (Current Stats) कुल ग्राहकों की संख्या 52 करोड़ से ज्यादा (देश और दुनिया में) देशभर में कुल शाखाएं (Branches) 22,500 शाखाएं एटीएम (ATM) नेटवर्क 63,500 से अधिक एटीएम योनो (YONO) ऐप के रजिस्टर्ड यूजर्स करीब 8.5 करोड़ ग्राहक आखिर क्यों दी गई थी देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी? एसबीआई के कर्मचारी संगठनों ने अपनी कुछ कड़ी और लंबित मांगों को लेकर इस दो दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था। इस विवाद और असंतोष के पीछे कई प्रशासनिक मुद्दे शामिल थे। कर्मचारी यूनियन का मुख्य मुद्दा: फेडरेशन का कहना था कि देश भर की बैंक शाखाओं में हथियारों से लैस सुरक्षा गार्डों (Armed Guards) की भारी कमी हो गई है। लगातार हो रहे कर्मचारियों के रिटायरमेंट और प्रमोशन की वजह से नए सुरक्षाकर्मियों की भर्ती नहीं की गई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है। यूनियन के मुताबिक, इस कमी के कारण बैंक के कर्मचारियों, वहां आने वाले ग्राहकों और बैंक की सरकारी संपत्ति की सुरक्षा पर कड़ा खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, अब इस मुद्दे पर सहमति बनने या बातचीत आगे बढ़ने के कारण हड़ताल को टाल दिया गया है। इससे पहले, बैंक प्रशासन ने किसी भी कड़े संकट या असुविधा से बचने के लिए अपने ग्राहकों को एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग, योनो ऐप और यूपीआई (UPI) जैसे डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की सलाह दी थी, ताकि शाखाएं बंद होने पर भी काम न रुके। लेकिन अब शाखाएं खुली होने से मैनुअल काम भी आसानी से निपटाए जा सकेंगे।