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टाइगर जिंदा है से गुडबाय चाचा तक नतीजों से पहले बिहार की सड़कों पर छिड़ी पोस्टर की जंग

News India Live, Digital Desk: बिहार की 6 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे तो कल आएंगे, लेकिन सियासी लड़ाई का नतीजा आज ही सड़कों पर दिखने लगा है. वोटों की गिनती से ठीक एक दिन पहले, पटना की सड़कें राजनीतिक पोस्टरों से पट गई हैं. आरजेडी (RJD) और जेडीयू (JDU) के बीच चल रही ये पोस्टर वॉर इतनी दिलचस्प हो गई है कि हर आने-जाने वाले की नज़रें इन पर टिक रही हैं.RJD का पलटवार, पोस्टरों से साधा निशानागुरुवार सुबह जब पटना के लोग अपने घरों से निकले, तो उन्होंने देखा कि शहर के मुख्य चौराहे, ख़ासकर इनकम टैक्स गोलंबर के पास, बड़े-बड़े पोस्टर लगे हुए हैं. एक पोस्टर ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा, जिस पर लिखा था- “टाइगर जिंदा है…जनता का समर्थन है…हिसाब होगा.” इस पोस्टर में लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर भी थी, जो आने वाले समय में एक नए राजनीतिक गठजोड़ की तरफ इशारा कर रही है.लेकिन असली तंज तो दूसरे पोस्टर में था. इस पोस्टर में तेजस्वी यादव की तस्वीर के साथ बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था- “GOOD BYE CHACHA!” (गुडबाय, चाचा!). यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर एक सीधा और तीखा हमला था. इस पोस्टर के ज़रिए RJD यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि अब नीतीश कुमार की राजनीति का अंत नज़दीक है और जनता ने तेजस्वी के हक़ में फ़ैसला सुना दिया है..क्यों शुरू हुई यह पोस्टर की लड़ाई?दरअसल, इस लड़ाई की शुरुआत RJD ने नहीं की थी. कुछ दिन पहले JDU की तरफ से एक पोस्टर लगाया गया था, जिसमें लालू परिवार को “ठग्स ऑफ़ बिहार” बताते हुए उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे. अब RJD ने उसी का जवाब दिया है, और जवाब भी ऐसा कि उसने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है..यह पोस्टर सिर्फ़ कागज़ के टुकड़े नहीं हैं, बल्कि नतीजों से पहले एक-दूसरे पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश हैं. दोनों ही दल यह दिखाने में लगे हैं कि जीत उन्हीं की होने वाली ਹੈ. अब यह देखना मज़ेदार होगा कि कल जब EVM मशीनें खुलेंगी, तो असली ‘टाइगर’ कौन साबित होता है. और किसे जनता ‘गुडबाय’ कहती है.