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टाटा मोटर्स पर ब्रोकरेज की जंग: कोई देख रहा ₹470 का आसमान, तो किसी को डर ₹312 के पाताल का

भारतीय ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स (Tata Motors) के शेयरों को लेकर इस समय दलाल स्ट्रीट और ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसों के बीच एक दिलचस्प खींचतान देखने को मिल रही है। कंपनी के पैसेंजर व्हीकल (PV) यानी घरेलू कार बिजनेस के भविष्य को लेकर दिग्गजों की राय पूरी तरह बंटी हुई है। जहां कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स इसके इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पोर्टफोलियो और नए मॉडल लॉन्च को देखते हुए बेहद उत्साहित हैं, वहीं कुछ बड़े विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और पैसेंजर गाड़ियों की मांग में आ रही सुस्ती टाटा मोटर्स की रफ्तार पर ब्रेक लगा सकती है। इसी वजह से इस शेयर के टारगेट प्राइस को लेकर बाजार में भारी कन्फ्यूजन पैदा हो गया है।

मॉर्गन स्टेनली को भरोसा: ₹470 के दमदार टारगेट के साथ दांव लगाने की सलाह

टाटा मोटर्स के पक्ष में खड़े ब्रोकरेज हाउसों में सबसे बड़ा नाम मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) का है। मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषक कंपनी के पैसेंजर व्हीकल और खासकर इसके ईवी (EV) सेगमेंट को लेकर बेहद बुलिश (तेजी के रुख वाले) नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि टाटा मोटर्स भारत के कार बाजार में अपनी मजबूत हिस्सेदारी बनाए रखने में कामयाब रहेगी। कंपनी की आगामी नई गाड़ियों की पाइपलाइन और प्रीमियम एसयूवी (SUV) सेगमेंट में इसकी मजबूत पकड़ आने वाले समय में इसके मार्जिन को बेहतर करेगी। इसी मजबूत आउटलुक के दम पर उन्होंने इस शेयर के लिए ₹470 का बेहद आकर्षक और बड़ा टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा निवेशकों के हौसले बढ़ा रहा है।

यूबीएस (UBS) की चेतावनी: क्यों दी ₹312 के बड़े कट की 'सेल' रेटिंग

इसके ठीक उलट, ग्लोबल फाइनेंशियल फर्म यूबीएस (UBS) ने टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हीकल बिजनेस को लेकर एक बेहद सतर्क और डराने वाली रिपोर्ट जारी की है। यूबीएस का तर्क है कि भारतीय कार बाजार अब पूरी तरह से सैचुरेशन (संतृप्ति) की तरफ बढ़ रहा है, जहां हर महीने गाड़ियों की भारी डिस्काउंटिंग देखने को मिल रही है। इसके अलावा, अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियों (जैसे महिंद्रा और हुंडई) से मिल रही कड़ी टक्कर की वजह से टाटा मोटर्स के मार्केट शेयर पर दबाव बढ़ सकता है। यूबीएस ने आशंका जताई है कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन में गिरावट आ सकती है, जिसके चलते उन्होंने इस शेयर पर अपनी 'सेल' (बेचने की) रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹312 का बेहद निचला टारगेट प्राइस सेट किया है।

असमंजस में रिटेल निवेशक: अब आगे क्या हो आपकी रणनीति

एक ही शेयर पर ₹470 और ₹312 जैसे दो बिल्कुल विपरीत टारगेट आने से आम खुदरा निवेशक पूरी तरह असमंजस में हैं कि वे शेयर को होल्ड करें, बेच दें या नई खरीदारी करें। बाजार के स्वतंत्र जानकारों का कहना है कि टाटा मोटर्स का लॉन्ग टर्म भविष्य काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी अपने पैसेंजर व्हीकल और जेएलआर (Jaguar Land Rover) बिजनेस के डीमर्जर (विभाजन) को कितनी सफलतापूर्वक पूरा करती है। लंबी अवधि के निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे किसी एक ब्रोकरेज के टारगेट के पीछे भागने के बजाय कंपनी के हर तिमाही के नतीजों, गाड़ियों की मासिक बिक्री के आंकड़ों और कर्ज कम करने की योजना पर करीबी नजर रखें और बाजार की हर बड़ी गिरावट में धीरे-धीरे संचय करने की नीति अपनाएं।