
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में किसी भी बल्लेबाज के लिए तीनों प्रारूपों में शतक जड़ना एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है, लेकिन खेल के तीनों अलग-अलग फॉर्मेट में व्यक्तिगत उच्चतम स्कोर की सीमाओं को लांघकर टेस्ट में तिहरा शतक, वनडे में दोहरा शतक और टी20 अंतरराष्ट्रीय में शतक ठोकना एक ऐसा दुर्लभतम कारनामा है जिसकी कल्पना भी कम ही खिलाड़ी कर पाते हैं। इंग्लैंड के युवा आक्रामक बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने एकदिवसीय क्रिकेट में तूफानी अंदाज में दोहरा शतक ठोककर विश्व क्रिकेट में तहलका मचा दिया है। इस ऐतिहासिक पारी के साथ ही ब्रूक वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज 'यूनिवर्स बॉस' क्रिस गेल के उस अत्यंत विशिष्ट क्लब में शामिल हो गए हैं, जहां टेस्ट में 300 से अधिक, वनडे में 200 से अधिक और टी20आई में शतक लगाने का अद्वितीय रिकॉर्ड दर्ज है। क्रिकेट इतिहास के 149 वर्षों के लंबे सफर में अब तक दुनिया का कोई भी अन्य धुरंधर इस मुकाम तक नहीं पहुंच सका था।
114 गेंदों में ठोका सबसे तेज दोहरा शतक: हैरी ब्रूक ने तोड़ा शुभमन गिल का बड़ा कीर्तिमान
इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच खेले गए रोमांचक एकदिवसीय मुकाबले में हैरी ब्रूक ने मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की ऐसी आतिशबाजी की कि विरोधी गेंदबाज बेबस नजर आए। ब्रूक ने केवल 116 गेंदों का सामना करते हुए 202 रनों की मैराथन और विध्वंसक पारी खेली। इस पारी के दौरान उन्होंने 21 गगनचुंबी चौके और 10 विशालकाय छक्के जड़े। ब्रूक ने अपना दोहरा शतक महज 114 गेंदों में पूरा किया, जो अब एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक बन गया है। इससे पहले यह विश्व रिकॉर्ड भारतीय स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल के नाम दर्ज था, जिन्होंने 117 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया था। इसके साथ ही हैरी ब्रूक इंग्लैंड क्रिकेट के इतिहास में वनडे फॉर्मेट में दोहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बनकर इतिहास के पन्नों में अमर हो गए हैं।
मुल्तान में टेस्ट का 317 रन का पहाड़: जो रूट के साथ रचा था 454 रनों की साझेदारी का इतिहास
हैरी ब्रूक की यह आक्रामक शैली केवल सीमित ओवरों के खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि लाल गेंद की क्रिकेट में भी वे अपनी धाक पहले ही साबित कर चुके हैं। अक्टूबर 2024 में पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट मैच में ब्रूक ने 322 गेंदों पर 317 रनों की अद्भुत तिहरी शतकीय पारी खेली थी। उस मुकाबले में उन्होंने जो रूट के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 454 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की थी, जिसने टेस्ट क्रिकेट में आधुनिक आक्रामक शैली को एक नई ऊंचाई दी थी। टेस्ट में तिहरा शतक लगाने के बाद अब वनडे में दोहरा शतक पूरा कर उन्होंने आधुनिक दौर के सबसे खतरनाक और बहुमुखी बल्लेबाजों में अपना नाम मजबूती से दर्ज करा दिया है।
'यूनिवर्स बॉस' क्रिस गेल का अमर रिकॉर्ड: दो तिहरे शतक, एक दोहरा शतक और टी20 का तूफान
हैरी ब्रूक से पहले यह अकल्पनीय रिकॉर्ड सिर्फ वेस्टइंडीज के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल के नाम पर दर्ज था। गेल ने अपने सुनहरे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान टेस्ट क्रिकेट में दो बार तिहरा शतक बनाने का गौरव हासिल किया था। उन्होंने साल 2005 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 317 रनों की पारी खेली थी और उसके बाद 2010 में श्रीलंका के खिलाफ गाले के मैदान पर 333 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। सीमित ओवरों के खेल में गेल ने आईसीसी विश्व कप 2015 के दौरान जिम्बाब्वे के खिलाफ कैनबरा में 215 रनों की विध्वंसक पारी खेलकर दोहरा शतक बनाया था। इसके अलावा टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पहले ही विश्व कप (2007) के उद्घाटन मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक जड़कर गेल ने तीनों फॉर्मेट में अपनी बादशाहत कायम की थी।
आधुनिक क्रिकेट का नया युग: ब्रूक और गेल के इस दुर्लभ क्लब में क्या कोई और बना पाएगा जगह?
टी20 क्रिकेट के तेजी से बढ़ते प्रसार के बीच बल्लेबाजों की आक्रामकता बढ़ी जरूर है, लेकिन टेस्ट में 300 रन, वनडे में 200 रन और टी20आई में शतक लगाने के लिए जिस तकनीक, मानसिक धैर्य, शारीरिक सहनशक्ति और आक्रामक गियर बदलने की क्षमता की दरकार होती है, वह बहुत कम खिलाड़ियों के पास होती है। रोहित शर्मा, वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों ने वनडे और टेस्ट में तो बड़े रिकॉर्ड बनाए, लेकिन तीनों प्रारूपों के इन तीनों मील के पत्थरों को एक साथ छूने का सौभाग्य अब तक केवल क्रिस गेल और हैरी ब्रूक को ही प्राप्त हुआ है। 22 अक्टूबर 2026 की इस ऐतिहासिक पारी के बाद क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि हैरी ब्रूक की यह उपलब्धि आने वाली कई पीढ़ियों के बल्लेबाजों के लिए एक ऐसा बेंचमार्क बन गई है, जिसे पार कर पाना किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होगा।
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