
News India Live, Digital Desk : पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने पूरी दुनिया में सनसनी मचा दी है। सीआईए (CIA) के एक पूर्व विश्लेषक ने दावा किया है कि ट्रंप अपने कार्यकाल के दौरान ईरान पर परमाणु हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार थे। इतना ही नहीं, इस फैसले को लेकर उनकी अपने ही सैन्य प्रमुख के साथ तीखी बहस भी हुई थी। इस खुलासे ने एक बार फिर ट्रंप की विदेश नीति और उनके आक्रामक फैसलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।न्यूक्लियर कोड के इस्तेमाल पर अड़ गए थे ट्रंप!सीआईए के पूर्व एनालिस्ट के मुताबिक, एक समय ऐसा आया था जब ईरान के साथ तनाव अपने चरम पर था और डोनाल्ड ट्रंप ‘न्यूक्लियर कोड’ के इस्तेमाल पर विचार कर रहे थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह नष्ट करना चाहते थे। जब सैन्य नेतृत्व ने उन्हें इसके विनाशकारी परिणामों और वैश्विक युद्ध की चेतावनी दी, तो ट्रंप पीछे हटने के बजाय उनसे उलझ गए थे।सैन्य प्रमुख और ट्रंप के बीच ‘जुबानी जंग’दावे के अनुसार, तत्कालीन अमेरिकी सैन्य प्रमुख ने ट्रंप के इस विचार का कड़ा विरोध किया था। सेना की दलील थी कि परमाणु हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन होगा, बल्कि इससे मध्य पूर्व (Middle East) में कभी न खत्म होने वाली तबाही मच जाएगी। सूत्रों का कहना है कि ओवल ऑफिस में हुई इस बैठक में माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया था कि ट्रंप ने सैन्य अधिकारियों की क्षमता पर ही सवाल उठा दिए थे।क्या ईरान के साथ छिड़ जाता तीसरा विश्व युद्ध?विशेषज्ञों का मानना है कि अगर उस वक्त ट्रंप अपने फैसले पर अडिग रहते, तो दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर खड़ी होती। ईरान पर परमाणु प्रहार का मतलब होता रूस और चीन जैसे देशों का सीधे तौर पर युद्ध में कूदना। हालांकि, बाद में वरिष्ठ सलाहकारों और पेंटागन के दबाव के चलते इस योजना को टाल दिया गया, लेकिन यह खुलासा बताता है कि ट्रंप प्रशासन के दौरान पर्दे के पीछे किस तरह के खतरनाक फैसले लिए जा रहे थे।पूर्व CIA अधिकारी के खुलासे ने बढ़ाई ट्रंप की मुश्किलेंडोनाल्ड ट्रंप वर्तमान में फिर से सक्रिय राजनीति में हैं और यह खुलासा उनकी छवि पर बड़ा असर डाल सकता है। विपक्ष इस मुद्दे को ‘अस्थिर नेतृत्व’ के तौर पर पेश कर रहा है। वहीं, ट्रंप के समर्थकों ने इन दावों को मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित बताया है। फिलहाल, व्हाइट हाउस या ट्रंप की टीम की ओर से इस विशिष्ट दावे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर ‘ट्रंप-ईरान’ और ‘न्यूक्लियर वॉर’ जैसे कीवर्ड्स ट्रेंड कर रहे हैं।
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