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दिल्ली-NCR में मिडिल क्लास के लिए सस्ता घर कहां? गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा तक 6 शहरों की नई प्रॉपर्टी रेट लिस्ट जारी, जानें बजट का पूरा गणित

देश के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में अपना खुद का मकान खरीदना हर नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय परिवार का सबसे बड़ा सपना होता है। पिछले कुछ वर्षों में बुनियादी ढांचे के तीव्र विस्तार, नमो भारत (RRTS), एक्सप्रेसवे और मेट्रो कनेक्टिविटी के जाल ने दिल्ली से सटे उपनगरीय शहरों के रियल एस्टेट परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। हालांकि, जमीन की आसमान छूती कीमतों और प्रीमियम हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की बाढ़ के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि एक सीमित आय वाले मध्यमवर्गीय परिवार के लिए सबसे सस्ता और किफायती फ्लैट या मकान किस शहर में मिल सकता है। हालिया प्रॉपर्टी मार्केट सर्वे और रियल एस्टेट एनालिटिक्स फर्मों द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट में एनसीआर के छह प्रमुख शहरों—गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली—की औसत आवासीय दरों का तुलनात्मक विश्लेषण पेश किया गया है। इन आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि जहां गुरुग्राम और साउथ दिल्ली जैसी जगहें अब आम आदमी की पहुंच से कोसों दूर हो चुकी हैं, वहीं कुछ ऐसे उपनगर अब भी मौजूद हैं जो मध्यम वर्ग के लिए मुकम्मल आशियाना तलाशने का सबसे मुफीद ठिकाना बने हुए हैं।

गाजियाबाद: अफोर्डेबल हाउसिंग का सबसे बड़ा गढ़ और कनेक्टिविटी का नया हब

यदि आपके पास 35 से 60 लाख रुपये का बजट है और आप दिल्ली से बेहद नजदीक रहना चाहते हैं, तो गाजियाबाद Click to open side panel for more information पूरे एनसीआर में मध्यम वर्ग की पहली और सबसे पसंदीदा पसंद बनकर उभरा है। गाजियाबाद में वर्तमान में औसत आवासीय संपत्ति की कीमतें लगभग 4,500 रुपये से लेकर 7,500 रुपये प्रति वर्ग फीट के दायरे में चल रही हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, हिंडन एलिवेटेड रोड और देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) नमो भारत ट्रेन के चालू होने से गाजियाबाद से दिल्ली का सफर मिनटों में सिमट चुका है। क्रॉसिंग्स रिपब्लिक, राजनगर एक्सटेंशन, वेव सिटी और एनएच-9 (एनएच-24) से सटे क्षेत्रों में 2BHK और 3BHK फ्लैट्स आज भी काफी प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा, सिद्धार्थ विहार और शालीमार गार्डन जैसे इलाके उन परिवारों को आकर्षित कर रहे हैं जो कम बजट में दिल्ली के बॉर्डर पर रहना पसंद करते हैं। नगर निगम द्वारा बुनियादी सुविधाओं के लगातार अपग्रेडेशन ने इस शहर को मध्यम वर्ग के लिए सबसे किफायती व व्यावहारिक विकल्प बना दिया है।

ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट: सुनियोजित चौड़ी सड़कें और बजट फ्रेंडली हाई-राइज सोसाइटीज

अफोर्डेबल और मिड-इनकम सेगमेंट में गाजियाबाद के बाद दूसरा सबसे मजबूत दावेदार ग्रेटर नोएडा और विशेष रूप से ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) है। यहां प्रॉपर्टी की औसत दरें 5,500 रुपये से 8,500 रुपये प्रति वर्ग फीट के बीच दर्ज की जा रही हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि यहां आधुनिक क्लब हाउस, स्विमिंग पूल, 24 घंटे बिजली-पानी बैकअप और सुरक्षा से लैस हाई-राइज गेटेड सोसाइटीज में 45 से 75 लाख रुपये के बजट में 2BHK और 3BHK अपार्टमेंट्स की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है। इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) के आसपास के क्षेत्रों में भविष्य की निवेश संभावनाओं को देखते हुए कई युवा नौकरीपेशा लोग ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क, परी चौक और ओमेगा-अल्फा सेक्टरों में प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं। एक्वा लाइन मेट्रो के विस्तार और चौड़ी खुली सड़कों के कारण यह क्षेत्र बच्चों और बुजुर्गों के रहने के लिहाज से बेहद शांत व प्रदूषण मुक्त वातावरण भी प्रदान करता है।

नोएडा और फरीदाबाद: इंफ्रास्ट्रक्चर की बुलंदी बनाम मध्यम वर्ग की जेब पर दबाव

नोएडा Click to open side panel for more information और फरीदाबाद Click to open side panel for more information की बात करें तो ये दोनों शहर मध्यम वर्ग के ऊपरी तबके (Upper-Middle Class) के लिए उपयुक्त साबित हो रहे हैं। नोएडा में केंद्रीय और एक्सप्रेसवे से सटे प्रीमियम सेक्टरों में फ्लैट्स की कीमतें 10,000 रुपये से 18,000 रुपये प्रति वर्ग फीट के पार पहुंच चुकी हैं, जो आम बजट से बाहर हैं। हालांकि, नोएडा के अंतिम छोर वाले सेक्टर जैसे सेक्टर 137, सेक्टर 143 और सेक्टर 168 में 70 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच 2BHK फ्लैट्स के सीमित विकल्प अब भी मौजूद हैं। वहीं, हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक शहर फरीदाबाद में मास्टर प्लान के तहत विकसित हो रहे 'ग्रेटर फरीदाबाद' (नहरपार क्षेत्र – सेक्टर 75 से 89) में औसत दरें 6,000 रुपये से 9,500 रुपये प्रति वर्ग फीट के आसपास बनी हुई हैं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड और वायलेट लाइन मेट्रो कनेक्टिविटी के चलते फरीदाबाद दक्षिण दिल्ली में काम करने वाले मध्यमवर्गीय पेशेवरों के लिए एक आकर्षक केंद्र बन चुका है, जहां स्वतंत्र फ्लोर्स (Builder Floors) और ग्रुप हाउसिंग दोनों के बेहतर विकल्प मिल जाते हैं।

गुरुग्राम और दिल्ली: विलासिता का बोलबाला, बजट फ्लैट्स की भारी किल्लत

मिलेनियम सिटीगुरुग्रामClick to open side panel for more information और देश की राजधानीदिल्लीClick to open side panel for more information अब शुद्ध रूप से प्रीमियम, लग्जरी और अल्ट्रा-लक्जरी रियल एस्टेट का केंद्र बन चुके हैं। गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन और द्वारका एक्सप्रेसवे के प्राइम बेल्ट में औसत प्रॉपर्टी रेट्स 14,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये प्रति वर्ग फीट से भी अधिक हो चुके हैं। गुरुग्राम में 1.5 करोड़ रुपये से कम बजट में किसी प्रतिष्ठित बिल्डर का 2BHK फ्लैट ढूंढना लगभग नामुमकिन हो गया है, केवल सोहना रोड या पटौदी रोड जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में ही कुछ अफोर्डेबल विकल्प शेष हैं। वहीं, दिल्ली के भीतर निजी बिल्डरों के बहुमंजिला प्रोजेक्ट्स का घोर अभाव है। दिल्ली में मध्य वर्ग के लिए केवल डीडीए (DDA) के नरेला या रोहिणी स्थित ड्रॉ वाले फ्लैट्स या फिर उत्तम नगर, बुराड़ी जैसी अनाधिकृत व सेमी-ऑथराइज्ड कॉलोनियों में तंग गलियों के बिल्डर फ्लोर्स ही 30 से 50 लाख के बजट में आते हैं, जहां व्यवस्थित सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर और पार्किंग की भारी कमी से लोगों को जूझना पड़ता है।