
पूर्वी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहे गोरखपुर में अपने घर का सपना देख रहे लोगों के लिए दीपावली का त्योहार इस बार दोगुनी खुशियां लेकर आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शुमार गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने त्योहारी सीजन के शुभ अवसर पर एक बहुप्रतीक्षित आवासीय और फ्लैट योजना की आधिकारिक घोषणा कर दी है। गीडा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, इस विशेष योजना के तहत कुल 144 आवासीय भूखंडों (रेजिडेंशियल प्लॉट्स) और 61 तैयार आवासीय भवनों (मल्टीस्टोरी फ्लैट्स) का आवंटन किया जाएगा। इस पूरी आवासीय योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की खिड़की 16 अक्टूबर से विधिवत खोल दी जाएगी, जिससे गोरखपुर ही नहीं बल्कि लखनऊ, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, आजमगढ़, मऊ और समूचे पूर्वांचल के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर में रह रहे पूर्वांचल मूल के प्रवासियों के लिए भी अपनी मिट्टी पर जमीन या फ्लैट हासिल करने का सुनहरा मौका मिल गया है। धनतेरस और दिवाली के पावन मुहूर्त से ठीक पहले शुरू हो रही यह आवासीय स्कीम रियल एस्टेट बाजार में जबरदस्त हलचल पैदा करने के लिए तैयार है, क्योंकि लंबे समय से लोग गीडा के सुनियोजित सेक्टर्स में सुरक्षित और कानूनी रूप से स्पष्ट आवासीय विकल्पों का इंतजार कर रहे थे।
सेक्टर 11, 23 और प्राइम लोकेशन्स: जानिए कहां स्थित हैं 144 भूखंड और 61 तैयार आवास
गीडा की इस नई आवासीय पेशकश की सबसे बड़ी यूएसपी इसका रणनीतिक और प्राइम लोकेशन पर स्थित होना है। प्राधिकरण के लैंड बैंक और टाउनशिप लेआउट के अनुसार, 144 आवासीय भूखंडों को गीडा के सुविकसित सेक्टर्स, विशेषकर सेक्टर 11 और सेक्टर 23 जैसे प्रमुख क्षेत्रों में नियोजित किया गया है। ये प्लॉट्स अलग-अलग आकारों (साइज) में उपलब्ध होंगे, जिनमें छोटे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए 90 से 120 वर्ग मीटर के भूखंडों से लेकर बड़े स्वतंत्र विला निर्माण के इच्छुक खरीदारों के लिए 200, 240 और 288 वर्ग मीटर तक के प्रीमियम प्लॉट्स शामिल हैं। वहीं, 61 आवासीय भवनों की श्रेणी में मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए तैयार फ्लैट्स को शामिल किया गया है, जो सेक्टर 11 के मल्टीस्टोरी आवासीय टावरों में अवस्थित हैं। गीडा के ये सभी सेक्टर्स पूरी तरह से सीवरेज लाइन, भूमिगत विद्युतीकरण, चौड़ी पक्की सड़कों, स्ट्रीट लाइट्स, हरित पार्कों और निर्बाध पेयजल आपूर्ति से लैस हैं। रेरा (RERA) पंजीकृत परियोजना होने के कारण खरीदारों को किसी भी प्रकार के मालिकाना विवाद, अवैध कब्जे या लेआउट संबंधी तकनीकी अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ेगा, जो निजी कॉलोनाइजरों की अव्यवस्थित प्लॉटिंग के मुकाबले इसे कई गुना अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय निवेश बनाता है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और फोरलेन का बूम: क्यों निवेश के लिए हॉटस्पॉट बना गीडा का यह इलाका
औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर गीडा आज उत्तर प्रदेश के सबसे गतिशील विकास गलियारों में बदल चुका है। यह संपूर्ण आवासीय योजना राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन हाईवे) और कुशीनगर-सोनौली अंतरराष्ट्रीय कॉरिडोर के बेहद नजदीक स्थित है। इसके अलावा, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के मुख्य जंक्शन (कालेसर-बाघागाड़ा बाईपास) से महज 3 से 5 मिनट की सीधी कनेक्टिविटी इस क्षेत्र के रियल एस्टेट वैल्यूएशन को पंख लगा रही है। इस इलाके से महायोगी गोरखनाथ एयरपोर्ट और गोरखपुर मुख्य रेलवे स्टेशन की दूरी बमुश्किल 15 से 18 किलोमीटर है, जिसे चौड़े बाईपास के जरिए बिना ट्रैफिक जाम के तय किया जा सकता है। गीडा क्षेत्र में पेप्सिको की बॉटलिंग यूनिट (वरुण बेवरेजेस), गैलेंट इस्पात, अंकुर उद्योग, इंडिया ग्लाइकोल्स, अपोलो ट्यूब्स, विशाल प्लास्टिक पार्क और रेडीमेड गारमेंट पार्क जैसी 90 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से यहां 50,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। उद्योगों के इस भारी विस्तार ने गीडा और कालेसर बेल्ट में रिहायशी मकानों की मांग को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया है। जो लोग आज यहां प्लॉट या फ्लैट बुक करेंगे, उन्हें आने वाले दो से तीन वर्षों में शानदार कैपिटल एप्रिसिएशन (पूंजीगत लाभ) और हाई रेंटल यील्ड मिलना पूरी तरह तय माना जा रहा है।
ई-लॉटरी से पारदर्शी आवंटन: जानिए रजिस्ट्रेशन फीस, पात्रता और 16 अक्टूबर से आवेदन का पूरा प्रोसेस
गीडा ने भूखंडों और मकानों के आवंटन को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और बिचौलिया-मुक्त बनाए रखने के लिए शत-प्रतिशत डिजिटल प्रणाली लागू की है। 16 अक्टूबर से इच्छुक आवेदक गीडा की आधिकारिक वेबसाइट (gidagkp.in) पर जाकर प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम (PMS) पोर्टल के जरिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। आवेदन के समय आवेदक को वैध आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करना अनिवार्य होगा। ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणियों के फ्लैट्स के लिए सक्षम राजस्व अधिकारी द्वारा जारी वैध पारिवारिक आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को ही इसका लाभ मिल सके। आवेदन के साथ भूखंड या आवास के कुल अनुमानित मूल्य की 10 प्रतिशत पंजीकरण धनराशि (रजिस्ट्रेशन मनी/अर्नेस्ट मनी) नेट बैंकिंग, आरटीजीएस (RTGS) या एनईएफटी (NEFT) के माध्यम से ऑनलाइन जमा करानी होगी। निर्धारित अंतिम तिथि तक प्राप्त सभी वैध आवेदनों की गहन स्क्रूटनी के बाद गीडा मुख्यालय में सार्वजनिक रूप से ई-लॉटरी (डिजिटल ड्रा) का आयोजन किया जाएगा, जिसका लाइव प्रसारण भी किया जाएगा ताकि किसी भी मानवीय हेरफेर की कोई गुंजाइश न रहे। असफल आवेदकों की पंजीकरण राशि बिना किसी ब्याज कटौती के सीधे उनके मूल बैंक खातों में डिजिटल रूप से वापस ट्रांसफर कर दी जाएगी।
मध्यम और अल्प आय वर्ग के लिए सुनहरा अवसर: ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लैट्स में क्या मिलेंगी सुविधाएं
त्योहारी सीजन में घोषित यह योजना केवल उच्च आय वर्ग के लिए नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े कामगारों और छोटे वेतनभोगियों के सिर पर पक्की छत सुनिश्चित करने का एक ठोस सामाजिक प्रयास भी है। 61 आवासीय भवनों में शामिल ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लैट्स को आधुनिक मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट तकनीक से तैयार किया गया है। इन आवासीय परिसरों में लिफ्ट, चौड़े कॉमन कॉरिडोर, पर्याप्त वेंटिलेशन, बालकनी, फायर फाइटिंग सिस्टम, वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) और बच्चों के खेलने के लिए खुले ग्रीन एरिया की व्यवस्था की गई है। गीडा की फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों, स्थानीय दुकानदारों, निजी कर्मचारियों और कम आय वाले परिवारों के लिए ये फ्लैट्स एक बड़ी राहत हैं, जिन्हें वर्तमान में गोरखपुर शहर में महंगे किराए के मकानों में रहना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, केंद्र और राज्य सरकार की किफायती आवास नीतियों के तहत पात्र ईडब्ल्यूएस आवेदकों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत मिलने वाली ब्याज सब्सिडी (CLSS) और अन्य वित्तीय प्रोत्साहनों का भी अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा, जिससे उनकी मासिक ईएमआई का बोझ बेहद कम हो जाएगा।
रियल एस्टेट बाजार में उछाल और समयसीमा: अंतिम तारीख से पहले कैसे सुनिश्चित करें अपनी दावेदारी
दिवाली से ठीक पहले 144 भूखंडों और 61 आवासों का यह ऐलान समूचे गोरखपुर के प्रॉपर्टी बाजार में नई जान फूंकने वाला कदम साबित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित संख्या में प्लॉट्स और अत्यधिक मांग के चलते प्रत्येक भूखंड पर कई गुना अधिक आवेदन आने की संभावना है। गीडा प्रशासन ने आवेदकों को कड़ा परामर्श दिया है कि वे किसी भी दलाल, प्रॉपर्टी डीलर या अनाधिकृत व्यक्ति के झांसे में न आएं, क्योंकि संपूर्ण आवंटन प्रक्रिया केवल और केवल गीडा के आधिकारिक सर्वर और ई-लॉटरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से संपन्न होगी। 16 अक्टूबर से शुरू होकर नवंबर के प्रथम पखवाड़े तक चलने वाले इस आवेदन विंडो के दौरान अभ्यर्थियों को समय रहते अपने आय, जाति और बैंक दस्तावेजों को दुरुस्त कर लेना चाहिए, ताकि अंतिम दिनों में वेबसाइट सर्वर पर लोड बढ़ने के कारण किसी तकनीकी अड़चन का सामना न करना पड़े। गोरखपुर का यह विस्तार साबित करता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद में इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और नागरिक सुविधाओं का जो त्रिवेणी संगम तैयार हुआ है, वह आने वाले वर्षों में गीडा को नोएडा और ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर उत्तर प्रदेश का एक आधुनिकतम और आत्मनिर्भर उपनगर बनाने जा रहा है।
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