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‘दोनों देशों की राय हमेशा एक जैसी नहीं होती’, वेंस ने नेतन्याहू से मतभेद के दिए संकेत

पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी भीषण तनाव और युद्ध के हालातों के बीच वैश्विक राजनीति से इस समय की एक बहुत बड़ी और अंतरराष्ट्रीय सनसनी फैलाने वाली खबर सामने आ रही है। महाशक्ति अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने अपने बेहद करीबी और सबसे भरोसेमंद सहयोगी देश इजरायल के साथ जारी वैचारिक मतभेदों को पहली बार खुले तौर पर स्वीकार कर लिया है। उपराष्ट्रपति वेंस ने एक बेहद बेबाक साक्षात्कार में साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका और इजरायल की राय हर मुद्दे पर हमेशा एक जैसी नहीं हो सकती। उन्होंने पूरी दुनिया को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि भले ही इजरायल ऐतिहासिक रूप से अमेरिका का सबसे खास दोस्त रहा है, लेकिन जब बात राष्ट्रीय हितों की आएगी, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन किसी भी दबाव के आगे झुके बिना केवल और केवल अमेरिकी नागरिकों के हितों को ही प्राथमिकता देगा। संपादक गरिमा सिंह की इस विशेष भू-राजनीतिक डिजिटल रिपोर्ट में जानिए कि कैसे वेंस के इस बयान ने इजरायली खेमे में खलबली मचा दी है।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू के फैसलों पर उठे सवाल, वेंस बोले- हर बार दोनों देशों के हित मेल खाएं यह जरूरी नहीं

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) की कार्यशैली और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर खुलकर अपनी बात रखी। वेंस ने कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू एक ऐसे देश की सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं, जो निश्चित रूप से अमेरिका का बेहद मजबूत और पुराना रणनीतिक साझेदार रहा है। लेकिन इस कड़वी सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता कि एक करीबी सहयोगी होने के बावजूद, कई संवेदनशील मौकों पर हमारे राष्ट्रीय हित पूरी तरह से एक-दूसरे से मेल खाते हैं, तो कई मौकों पर हमारे हित और रास्ते पूरी तरह से अलग-अलग हो जाते हैं। वेंस का यह इशारा साफ करता है कि युद्ध की मौजूदा रणनीतियों को लेकर वाशिंगटन और यरुशलम के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

'अमेरिका फर्स्ट' नीति पर अडिग ट्रंप प्रशासन, मतभेद होने पर अमेरिकी जनता का पक्ष चुनना हमारी मजबूरी

साक्षात्कार के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने अपनी सरकार के रुख को पूरी तरह स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू अपने देश के हितों की रक्षा के लिए बेहद मजबूती के साथ खड़े रहते हैं और ऐसा करना उनका हक है। ठीक उसी तरह, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस बात को लेकर शुरू से बिल्कुल साफ रहे हैं कि अमेरिका के लिए क्या सबसे अच्छा और फायदेमंद है। जेडी वेंस ने आगे कहा कि कभी-कभी इसका मतलब यह होता है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हमारी और इजरायल की राय बिल्कुल एक होती है, लेकिन कई बार हमारी राय एक-दूसरे से बिल्कुल जुदा होती है। उन्होंने बेहद तीखे लहजे में कहा कि जहां भी हमारे बीच वैचारिक मतभेद या राय अलग होगी, वहां दुर्भाग्य से हमें अपने देश और अमेरिकी लोगों का ही पक्ष चुनना पड़ेगा, और हम हमेशा बिना किसी झिझक के ऐसा ही करते आए हैं।

नेतन्याहू ने निश्चित रूप से की हैं कुछ गंभीर गलतियां, पर उन राजों को सार्वजनिक करने से वेंस का इनकार

इस बेहद चर्चा में आए इंटरव्यू के दौरान जब पत्रकार ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से सीधा और तीखा सवाल दाग दिया कि क्या उनके विचार से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के साथ अपने संबंधों को संभालने में कोई बड़ी चूक या गलती की है? इस पर वेंस ने बिना किसी हिचकिचाहट के बेहद चौंकाने वाला जवाब देते हुए कहा कि हां, उन्होंने (नेतन्याहू ने) निश्चित रूप से पिछले कुछ समय में कुछ बहुत बड़ी और गंभीर गलतियां की हैं। हालांकि, जब वेंस से उन गलतियों का ब्योरा या नाम बताने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कूटनीतिक मर्यादा का हवाला देते हुए कुछ भी बताने से साफ इन्कार कर दिया। वेंस ने बात को संभालते हुए कहा कि दो देशों के शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली ऐसी संवेदनशील बातचीत और राज यदि निजी ही रहें, तो वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से वही सबसे बेहतर होता है। अब देखना यह है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस कड़े रुख के बाद इजरायल अपनी युद्ध नीति में क्या बदलाव करता है।