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नतीजों से पहले बेचैनी? पटना साहिब गुरुद्वारे और शीतला माता मंदिर पहुंचे नीतीश कुमार, टेका मत्था

News India Live, Digital Desk : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक एक दिन पहले, जब हर दल अपनी-अपनी जीत-हार का गणित लगा रहा है, तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना में ईश्वर की शरण में नजर आए. राजनीति की इस महापरीक्षा के परिणाम की घोषणा से पहले नीतीश कुमार मंगलवार सुबह अचानक पटना सिटी पहुंचे और प्रसिद्ध बड़ी पटनदेवी और छोटी पटनदेवी मंदिरों में पूजा-अर्चना की.मंत्रियों के साथ लगाई हाजिरीनीतीश कुमार अकेले नहीं थे, उनके साथ उनके मंत्रिमंडल के दो प्रमुख सहयोगी और करीबी मंत्री – विजय कुमार चौधरी और अशोक चौधरी भी मौजूद थे. तीनों नेताओं ने मंदिर में माता शीतला की पूरे विधि-विधान से पूजा की और आशीर्वाद लिया.मंदिर में पूजा करने के बाद मुख्यमंत्री का काफिला सिखों के पवित्र दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह की जन्मस्थली, तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारा पहुंचा. यहां नीतीश कुमार ने पूरी श्रद्धा के साथ मत्था टेका और अरदास में शामिल हुए.क्या हैं इस दौरे के राजनीतिक मायने?हालांकि इसे एक सामान्य पूजा-अर्चना बताया जा रहा है, लेकिन चुनाव के नतीजों से ठीक पहले नीतीश कुमार के इस धार्मिक दौरे के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं.तनाव और बेचैनी: एग्जिट पोल के जो नतीजे आए हैं, वे NDA और महागठबंधन के बीच बेहद कांटे की टक्कर दिखा रहे हैं. ऐसे में किसी भी नेता का चिंतित होना स्वाभाविक है. माना जा रहा है कि इस अनिश्चितता के माहौल में मुख्यमंत्री ईश्वर से अपनी और अपने गठबंधन की जीत की कामना करने पहुंचे हैं.सभी वर्गों को साधने की कोशिश: मंदिर और गुरुद्वारे, दोनों जगहों पर जाकर नीतीश कुमार ने एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलते हैं.नीतीश कुमार का यह दौरा इस बात का भी संकेत है कि बिहार का चुनाव इस बार कितना करीबी और अप्रत्याशित हो सकता है. फिलहाल, नेताओं ने अपनी किस्मत ईवीएम में बंद कर दी है और अब वे नतीजों के इंतजार में भगवान की चौखट पर हाजिरी लगा रहे हैं.