
उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी और भारत-नेपाल के बीच अंतरराष्ट्रीय व्यापार को गति देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मुजफ्फरपुर से भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा तक 4 लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण के लिए ₹3591.31 करोड़ के भारी-भरकम बजट को अंतिम मंजूरी दे दी है। यह नया 4 लेन कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-77 (NH-77) के समानांतर विकसित किया जाएगा, जिससे मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर जिलों के लाखों लोगों का आवागमन सुगम होगा और नेपाल बॉर्डर तक पहुंचने में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी।
82.4 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की लागत और तकनीकी खाका
परियोजना के तहत मुजफ्फरपुर से सोनबरसा तक कुल 82.4 किलोमीटर लंबे हिस्से को आधुनिक 4 लेन मानक पर अपग्रेड किया जाएगा। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹3,591.31 करोड़ तय की गई है। इसमें मुजफ्फरपुर, रुन्नीसैदपुर, सीतामढ़ी बाईपास और सोनबरसा बॉर्डर चेकपोस्ट तक का चौड़ीकरण और नए बाईपास का निर्माण शामिल है। हाईवे को हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) या ईपीसी मोड के तहत सुरक्षा मानकों, अंडरपास, फ्लाईओवर और सर्विस लेन के साथ हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में तैयार किया जाएगा।
सफर के समय में 50 प्रतिशत तक की आएगी कमी
वर्तमान में मुजफ्फरपुर से सोनबरसा (सीतामढ़ी बॉर्डर) की दूरी तय करने में भारी ट्रैफिक, घनी आबादी वाले बाजारों और संकरी सड़कों के कारण 3 से 4 घंटे तक का समय लग जाता है। नया 4 लेन हाईवे बनने के बाद यह सफर घटकर मात्र 1.5 से 2 घंटे का रह जाएगा। वाहनों की गति 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी, जिससे मुजफ्फरपुर से नेपाल के जनकपुर, मलंगवा और काठमांडू की ओर जाने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों को जाम के झाम से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी।
भारत-नेपाल सीमा व्यापार और स्थानीय कारोबार को मिलेगी नई रफ्तार
सोनबरसा सीमा भारत और नेपाल के बीच एक प्रमुख इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) के रूप में विकसित हो रही है। इस फोरलेन हाईवे के बनने से उत्तर प्रदेश, कोलकाता और दिल्ली से नेपाल जाने वाले कार्गो ट्रकों का आवागमन बहुत तेज हो जाएगा। मुजफ्फरपुर का कपड़ा, किराना व फल मंडी और सीतामढ़ी का कृषि बाजार सीधे अंतरराष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क से जुड़ जाएगा। स्थानीय स्तर पर वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और ट्रांसपोर्ट हब के विकास से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
धार्मिक और पर्यटन सर्किट को मिलेगा जबर्दस्त बढ़ावा
यह हाईवे न केवल व्यापारिक दृष्टि से बल्कि धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी मील का पत्थर साबित होगा। माता जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम (सीतामढ़ी) और नेपाल के जनकपुर धाम जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं को इस 4 लेन सड़क से सीधा फायदा मिलेगा। रामायण सर्किट के तहत अयोध्या से जनकपुर को जोड़ने वाले मार्ग में यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी बनेगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा बेहद सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।
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