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पटना पाटलिपुत्र स्टेशन पर बवाल: सिर्फ ट्रेन लेट होने का गुस्सा या सुलग रही थी हिंसा की कोई गहरी साजिश

बिहार की राजधानी पटना का पाटलिपुत्र जंक्शन अचानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जहां सैकड़ों छात्रों के उग्र प्रदर्शन और पथराव ने रेलवे प्रशासन से लेकर सुरक्षा एजेंसियों तक के होश उड़ा दिए. शुरुआती खबरों में इस हंगामे की वजह एक महत्वपूर्ण ट्रेन का कई घंटे लेट होना बताया गया, जिससे परीक्षा देने जा रहे छात्र भड़क उठे. लेकिन जैसे-जैसे इस मामले की परतें खुल रही हैं, जांच का रुख एक अलग ही दिशा में मुड़ गया है. रेलवे पुलिस (GRP), स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग अब इस बात की बारीकी से तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या यह वाकई छात्रों का तात्कालिक गुस्सा था या फिर इसके पीछे सोची-समझी रणनीति के तहत कोई गहरी साजिश रची गई थी.

परीक्षा छूटने के डर से भड़का छात्रों का गुस्सा, मिनटों में रणक्षेत्र बना जंक्शन

घटनाक्रम के अनुसार, पाटलिपुत्र स्टेशन पर बड़ी संख्या में छात्र एक प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे. ट्रेन अपने निर्धारित समय से कई घंटे देरी से चल रही थी, जिससे छात्रों में यह डर बैठ गया कि उनकी सालों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा और वे परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाएंगे. इसी बात को लेकर छात्रों और स्टेशन स्टाफ के बीच तीखी बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते यह बहस उग्र हंगामे में बदल गई. आक्रोशित छात्रों ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया, स्टेशन परिसर में तोड़फोड़ की और रोड़ेबाजी शुरू कर दी. इस अप्रत्याशित पथराव में कई रेलकर्मी और आम यात्री चोटिल हो गए, जिसके बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया पर टिकी जांच, साजिश के मिल रहे इनपुट

पटना पुलिस और रेल प्रशासन को इस बात का गहरा संदेह है कि इस पूरी हिंसा को हवा देने में कुछ बाहरी अराजक तत्वों का हाथ था. जांच अधिकारियों के मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का अचानक उग्र हो जाना और देखते ही देखते पत्थरबाजी के लिए ईंट-पत्थर का जमा हो जाना किसी बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है. पुलिस अब घटना के वक्त एक्टिव रहे मोबाइल टावर्स के डंप डेटा को खंगाल रही है. साथ ही कई कोचिंग संस्थानों के छात्रों से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप्स, टेलीग्राम चैनल्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स की मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस हंगामे के लिए पहले से कोई मैसेज सर्कुलेट कर भीड़ को उकसाया गया था.

आरपीएफ और स्थानीय पुलिस अलर्ट पर, पटना के स्टेशनों पर सुरक्षा कड़ी

इस भीषण बवाल के बाद दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी प्रमुख स्टेशनों, विशेषकर पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर टर्मिनल और पाटलिपुत्र स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की अतिरिक्त टुकड़ियों को संवेदनशील प्लेटफार्मों पर तैनात किया गया है. पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान के लिए स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं. दानापुर रेल मंडल के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा यात्रियों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है.