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पर्यावरण समिति का सदस्य बनने पर बाहुबली अनंत सिंह का बेबाक जवाब, बिहार की सियासत में हलचल

News India Live, Digital Desk: बिहार के मोकामा से पूर्व विधायक और ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर बाहुबली अनंत सिंह एक बार फिर अपने खास अंदाज और बेबाक बयानबाजी के कारण चर्चा में हैं। हाल ही में बिहार विधानसभा की ओर से उन्हें ‘पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति’ का सदस्य मनोनीत किया गया है। लेकिन इस नई जिम्मेदारी पर जब मीडिया ने उनसे सवाल पूछे, तो अनंत सिंह ने अपने चिर-परिचित अंदाज में जो जवाब दिया, उसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक ठहाके और चर्चाएं दोनों शुरू कर दी हैं।’पर्यावरण क्या होता है, हमें नहीं मालूम’ गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को जब पत्रकारों ने अनंत सिंह से पर्यावरण समिति का सदस्य बनाए जाने पर उनकी राय और भावी योजनाओं के बारे में पूछा, तो उन्होंने तपाक से कहा, “देखिए, हमको इन सब चीजों के बारे में कुछ पता नहीं है। पर्यावरण क्या होता है और इसमें क्या काम करना है, यह सब हमें नहीं मालूम।” जब उनसे पूछा गया कि क्या वे प्रदूषण रोकने के लिए कोई कदम उठाएंगे, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि जो होगा देखा जाएगा, फिलहाल उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।विधानसभा की समितियों का पुनर्गठन दरअसल, बिहार विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर कई महत्वपूर्ण समितियों का पुनर्गठन किया गया है। इसी कड़ी में अनंत सिंह को पर्यावरण से जुड़ी समिति में जगह दी गई है। अनंत सिंह फिलहाल पैरोल पर बाहर हैं और उनकी सदस्यता रद्द होने के बाद उनकी पत्नी नीलम देवी मोकामा से विधायक हैं। हालांकि, अनंत सिंह का रसूख अब भी वैसा ही बरकरार है। समितियों में अक्सर अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं को जगह दी जाती है, ताकि वे नीति निर्धारण में मदद कर सकें।सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान अनंत सिंह का यह वीडियो बयान तेजी से वायरल हो रहा है। लोग उनके ‘कैंडिड’ (स्पष्ट) अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिसे विषय की जानकारी ही नहीं, उसे समिति में क्यों रखा गया? गौरतलब है कि अनंत सिंह अपने ठेठ बिहारी अंदाज और ‘अईसन थोड़े होता है’ जैसे जुमलों के लिए जाने जाते हैं। उनकी इस ईमानदारी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे दिखावे की राजनीति से दूर रहते हैं।विरोधियों को मिला हमले का मौका अनंत सिंह के इस बयान के बाद विपक्ष को भी सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि पर्यावरण जैसे गंभीर विषय पर बनी समिति में ऐसे लोगों को रखना सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। वहीं, सत्ता पक्ष के करीबियों का कहना है कि अनंत सिंह जमीन से जुड़े नेता हैं और वे व्यावहारिक तौर पर प्रदूषण और पर्यावरण की समस्याओं को समझते हैं, भले ही उन्हें किताबी परिभाषा न पता हो।