
मध्य रेल (Central Railway) के पुणे रेल मंडल से सफर करने वाले दैनिक यात्रियों और लंबी दूरी के रेल मुसाफिरों के लिए जरूरी सूचना सामने आई है। रेलवे प्रशासन द्वारा रेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने, दोहरीकरण कार्य को गति देने और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के काम के चलते मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप आगामी 4 अक्टूबर 2026 तक पुणे मंडल से होकर गुजरने वाली और यहां से शुरू होने वाली 25 महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के रूट्स में बड़े पैमाने पर बदलाव (Diverted Routes) किया गया है। वहीं ब्लॉक के कारण कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 2 घंटे से लेकर अधिकतम 7 घंटे तक की देरी (Regulation/Rescheduling) से चलेंगी।
ट्रैक दोहरीकरण और इंटरलॉकिंग कार्य के चलते लिया गया मेगा ब्लॉक
मध्य रेलवे के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम रेलवे (SWR) और मध्य रेलवे के कनेक्टिंग रेल खंडों पर सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने और क्षमता विस्तार के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ट्रेनों की गति बढ़ाने और समय की पाबंदी (Punctuality) सुनिश्चित करने के लिए यह तकनीकी कार्य अनिवार्य है। कार्य के दौरान मुख्य लाइनों पर विद्युत आपूर्ति और सिग्नलिंग सिस्टम प्रभावित रहेगा, जिसके कारण ट्रेनों को सुरक्षा के मद्देनजर वैकल्पिक और लंबे मार्गों से चलाने का निर्णय लिया गया है।
इन प्रमुख ट्रेनों के रूट्स बदले गए, यात्रियों को होगी अतिरिक्त दूरी तय करने की मजबूरी
रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, 4 अक्टूबर तक मुख्य रूप से दक्षिण भारत, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर भारत की ओर जाने वाली गाड़ियों के मार्ग बदले गए हैं:
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पुणे-बेंगलुरु और दक्षिण की ओर जाने वाली गाड़ियां: पुणे-मिरज-हुबली मुख्य मार्ग पर चल रहे कार्य के चलते कई ट्रेनों को कुर्डुवाडी, पंढरपुर, मिरज होकर या वाडी-दौंड वैकल्पिक कॉरिडोर्स से डायवर्ट किया जा रहा है।
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उत्तर और मध्य भारत की संपर्क गाड़ियां: गोरखपुर, दानापुर, हजरत निजामुद्दीन और हावड़ा की ओर जाने वाली कुछ साप्ताहिक और नियमित ट्रेनों को दौंड कॉर्ड लाइन या मनमाड-इगतपुरी सेक्शन के जरिए वैकल्पिक पाथवे दिया गया है।
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प्रमुख प्रभावित गाड़ियां: यशवंतपुर एक्सप्रेस, पुणे-एर्नाकुलम एक्सप्रेस, दादर-हुबली एक्सप्रेस, और कोल्हापुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों के तय ठहराव वाले स्टेशनों में आंशिक बदलाव हुआ है। जो स्टेशन बदले गए रूट के दायरे में नहीं आएंगे, वहां के यात्रियों को नजदीकी जंक्शनों से ट्रेन पकड़नी होगी।
7 घंटे तक देरी से चलेंगी कई सुपरफास्ट ट्रेनें, रेलवे ने की रिशेड्यूलिंग
रूट डायवर्जन के अलावा, ट्रैक पर ट्रैफिक कंजेशन और सिंगल-लाइन वर्किंग के कारण कई ट्रेनों के समय में भारी फेरबदल हुआ है:
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लंबी दूरी की प्रीमियम और मेल/एक्सप्रेस गाड़ियां अपने प्रस्थान समय से 2 से 7 घंटे तक की देरी से रवाना होंगी।
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रास्ते में पड़ने वाले विभिन्न मंडलों में क्रॉसिंग और गति प्रतिबंधों के चलते ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर 45 मिनट से 120 मिनट तक नियंत्रित (Regulated) किया जाएगा, जिससे गंतव्य तक पहुंचने में यात्रियों को अतिरिक्त समय लग सकता है।
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उपनगरीय और पैसेंजर सेवाओं पर भी इसका आंशिक असर पड़ेगा, जिससे दैनिक कामकाजी यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
घर से निकलने से पहले कैसे चेक करें अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस?
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए अपील की है कि वे स्टेशन के लिए रवाना होने से पहले अपनी ट्रेन का सटीक और रियल-टाइम स्टेटस अवश्य जांच लें:
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NTES मोबाइल ऐप: 'नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम' (National Train Enquiry System) ऐप या वेबसाइट (enquiry.indianrail.gov.in) पर अपनी गाड़ी संख्या डालकर 'Diverted' या 'Rescheduled' स्थिति देखें।
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रेल मदद हेल्पलाइन 139: यात्री किसी भी समय भारतीय रेलवे के एकीकृत हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल या एसएमएस करके अपने पीएनआर और रूट से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं।
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आईआरसीटीसी एसएमएस अलर्ट: रेलवे द्वारा टिकट बुकिंग के समय दिए गए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी डायवर्जन और रिशेड्यूलिंग से संबंधित एसएमएस भेजे जा रहे हैं, इसलिए अपने फोन के मैसेज इनबॉक्स पर नजर बनाए रखें।
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