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पोस्टर पर नायक बने तेजस्वी, तो BJP-JDU ने लालू को घेरा, पूछा- खलनायक का बेटा हीरो कैसे बन गया?

News India Live, Digital Desk : बिहार की राजनीति में पोस्टर वॉर (Poster War) कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार एक पोस्टर ने ऐसा बवाल खड़ा कर दिया है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। पटना की सड़कों पर RJD नेतातेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को अनिल कपूर की मशहूर फिल्म ‘नायक’ के अवतार में दिखाने वाले पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में तेजस्वी को जनता का नायक बताया गया है, जो बिहार की तकदीर बदलने आया है।लेकिन तेजस्वी का यह ‘नायक’ अवतार JDU और BJP को बिल्कुल रास नहीं आया। उन्होंने इस पोस्टर को लेकर न सिर्फ तेजस्वी पर तंज कसा, बल्कि सीधा हमला उनके पिता और RJD सुप्रीमोलालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) पर बोल दिया। JDU-BJP नेताओं ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि”एक ‘खलनायक’ का बेटा ‘नायक’ कैसे हो सकता है?”पोस्टर में क्या है खास और क्यों मचा है बवाल?पटना में लगे इन पोस्टरों में तेजस्वी यादव को फिल्म ‘नायक’ के हीरो की तरह एक दिन का मुख्यमंत्री दिखाया गया है, जो भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसी समस्याओं को खत्म कर रहा है। RJD समर्थक इस पोस्टर के जरिए यह संदेश देना चाहते हैं कि तेजस्वी यादव ही बिहार के असली नायक हैं जो राज्य को मुश्किलों से बाहर निकालेंगे।लेकिन JDU और BJP ने इस पोस्टर के बहाने सीधे लालू यादव के शासनकाल को निशाने पर ले लिया, जिसे वे अक्सर’जंगलराज’ कहते हैं।JDU-BJP का सीधा हमला:** पोस्टर लगाकर कोई नायक नहीं बनता:** BJP नेताओं ने कहा कि सिर्फ पोस्टर में हीरो की तरह दिखने से कोई नायक नहीं बन जाता। नायक बनने के लिए काम करना पड़ता है, जबकि RJD का इतिहास इसके ठीक उल्टा रहा है।परिवारवाद पर निशाना: इस पोस्टर वॉर के जरिए सत्ता पक्ष ने एक बार फिर RJD पर परिवारवाद का आरोप लगाया है और कहा है कि वे सिर्फ अपने परिवार को ही सत्ता में देखना चाहते हैं।RJD का पलटवारवहीं, RJD ने इस हमले का जवाब देते हुए कहा है कि तेजस्वी यादव जनता के दिलों के नायक हैं और BJP-JDU उनकी लोकप्रियता से घबरा गई है। RJD का कहना है कि वे असल मुद्दों पर बात करने के बजाय सिर्फ लालू यादव के नाम पर राजनीति करना चाहते हैं।यह पोस्टर वॉर साफ दिखा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) की लड़ाई अभी से शुरू हो चुकी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी का ‘नायक’ अवतार जनता पर कितना असर डालता है और JDU-BJP का ‘खलनायक’ वाला तंज कितना काम करता है।