
News India Live, Digital Desk : कभी जिन्हें पाकिस्तान अपना सबसे करीबी मानता था, आज उन्हीं के साथ रिश्ते एक नाजुक मोड़ पर आ खड़े हुए हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख (Army Chief) जनरल असीम मुनीर ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को बहुत ही कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उनका संदेश बिल्कुल साफ है अब आपको चुनना होगा, आप पाकिस्तान के साथ खड़े हैं या फिर उन आतंकियों के साथ?क्यों फूटा जनरल का गुस्सा?जनरल मुनीर का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब पाकिस्तान में, खास तौर पर सीमावर्ती इलाकों में आतंकी हमले काफी बढ़ गए हैं। इस्लामाबाद में उलेमाओं (धार्मिक विद्वानों) के एक सम्मेलन में बोलते हुए आर्मी चीफ ने अपना दर्द और गुस्सा दोनों जाहिर किया। उन्होंने सीधे तौर पर टीटीपी (TTP) यानी ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ को आड़े हाथों लिया।उन्होंने TTP को “फितना अल-ख्वारिज” (Fitna al-Khawarij) कहकर पुकारा। इस्लाम के इतिहास में ‘ख्वारिज’ उन्हें कहा जाता है जो विद्रोह करते हैं और धर्म की गलत व्याख्या कर अराजकता फैलाते हैं। यानी मुनीर ने साफ कर दिया कि ये आतंकी इस्लाम के नाम पर धब्बा हैं।”हमारे बच्चों के खून का हिसाब कौन देगा?”जनरल मुनीर ने एक बेहद भावुक सवाल पूछा जो अब चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा, “क्या अफगानिस्तान की धरती से आने वाले आतंकी हमारे मासूम बच्चों का खून नहीं बहा रहे?”पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी के लड़ाके अफगानिस्तान में छिपे बैठे हैं और वहीं से हमले प्लान करते हैं। मुनीर ने दावा किया कि इन हमलों में बड़ी संख्या में अफगानी नागरिक शामिल हैं। उन्होंने तालिबान सरकार को याद दिलाया कि एक पड़ोसी होने के नाते यह उनका फर्ज है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ न होने दें।अब क्या होगा आगे?जनरल मुनीर ने तालिबान सरकार को दो टूक कहा है कि उन्हें अपनी प्राथमिकता तय करनी होगी। क्या वे टीटीपी (TTP) को अपनाएंगे या पाकिस्तान के साथ अच्छे रिश्ते रखेंगे? यह बयान बताता है कि पाकिस्तान का सब्र अब जवाब दे रहा है।जानकारों का कहना है कि यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि एक ‘फाइनल वार्निंग’ है। अगर काबुल से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले दिनों में सीमा पर तनाव और ज्यादा बढ़ सकता है। पाकिस्तान यह संदेश देना चाहता है कि सुरक्षा के मामले में अब वो कोई ‘लिहाज’ नहीं करेगा।
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