
News India Live, Digital Desk : अक्सर हमारे घरों में रात की एक या दो रोटियां बच ही जाती हैं। सुबह होते ही या तो हम उसे कूड़ेदान में फेंक देते हैं या फिर गली के किसी जानवर को डाल देते हैं। हमें लगता है कि जो चीज़ ताज़ी नहीं है, वो भला शरीर को क्या फायदा देगी? लेकिन अगर मैं आपसे कहूँ कि ताजी रोटी से कहीं ज्यादा पोषण ‘बासी रोटी’ में होता है, तो क्या आप यकीन करेंगे?सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन हमारे देश के कई राज्यों में आज भी दूध और बासी रोटी का नाश्ता बहुत चाव से किया जाता है। अब विज्ञान भी इस पुरानी परंपरा को सही ठहरा रहा है।रोटी बासी होते ही क्या बदल जाता है?दरअसल, जब गेहूँ की रोटी को बनाकर कुछ घंटों (करीब 12-15 घंटे) के लिए रखा जाता है, तो उसके भीतर मौजूद नमी और हवा के मेल से उसमें कुछ ऐसे बैक्टीरिया पैदा होते हैं जो हमारी आंतों के लिए ‘वरदान’ साबित होते हैं। ये रोटी धीरे-धीरे किण्वित (fermented) होने लगती है, जिससे इसके पोषण की गुणवत्ता बढ़ जाती है।1. डायबिटीज और ब्लड प्रेशर में कमाल का असरजो लोग शुगर (Diabetes) की समस्या से परेशान हैं, उनके लिए सुबह खाली पेट ठंडे दूध के साथ बासी रोटी खाना अमृत के समान बताया गया है। माना जाता है कि बासी रोटी शरीर में ग्लूकोज के लेवल को नियंत्रित करने में मदद करती है। ठीक वैसे ही, हाई बीपी की समस्या में भी ठंडे दूध के साथ बासी रोटी का सेवन खून के बहाव को सही रखने और शरीर को आराम पहुँचाने का काम करता है।2. पेट की जलन और एसिडिटी से छुटकाराआज की भागदौड़ वाली जिंदगी में बाहर का खाना और मसालेदार चीजें खाने से पेट में अक्सर एसिडिटी और जलन बनी रहती है। सुबह-सुबह बासी रोटी खाना पेट को ठंडा रखता है। इसमें फाइबर की मात्रा ताजी रोटी के मुकाबले थोड़ी अधिक हो जाती है, जो पाचन को बेहतर बनाती है और कब्ज जैसी परेशानियों से बचाती है।3. दुबलेपन से मिलेगी निजातअगर आप काफी समय से कोशिश कर रहे हैं कि आपका वजन थोड़ा बढ़ जाए या आप जिम जाते हैं और अपनी ताकत बढ़ाना चाहते हैं, तो बासी रोटी को दूध के साथ खाना शुरू करें। यह कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट का एक बहुत अच्छा जरिया है, जो शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देता है।4. शरीर का तापमान रखे सहीगर्मी के दिनों में शरीर का तापमान बढ़ने से ‘लू’ लगने या हीट स्ट्रोक का खतरा रहता है। ठंडे दूध के साथ बासी रोटी का सेवन शरीर के इंटरनल टेम्परेचर को नॉर्मल बनाए रखने में बहुत कारगर माना गया है।एक ज़रूरी सावधानीयहाँ ‘बासी’ का मतलब केवल 12 से 15 घंटे पुरानी रोटी से है। अगर रोटी में से स्मेल आ रही हो या उसमें किसी तरह की फफूंद (Mold) दिख रही हो, तो उसे बिल्कुल न खाएं। सामान्य तौर पर रात की बनी रोटी अगली सुबह या दोपहर तक खाना पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद होता है।तो अगली बार रात की बची हुई रोटी को बेकार समझने की भूल न करें। यह आपकी सेहत सुधारने का सबसे सस्ता और प्रभावी देसी नुस्खा हो सकता है!
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