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बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर रार? भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने तोड़ी चुप्पी, अटकलों पर दिया बड़ा बयान

News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद प्रदेश की कमान किसके हाथों में होगी। मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चल रही खींचतान और विवाद की खबरों के बीच भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि एनडीए (NDA) गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और मुख्यमंत्री के चयन को लेकर कोई मतभेद नहीं है।’अंधेरे में तीर चला रहे विपक्षी’, नाम पर नितिन नबीन का जवाबनितिन नबीन ने पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सोशल मीडिया और विपक्षी खेमों में जो बातें चल रही हैं, वे महज अटकलें हैं। उन्होंने कहा, “विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे विवाद की मनगढ़ंत कहानियां सुना रहे हैं। भाजपा और जेडीयू के बीच तालमेल एकदम सटीक है।” नबीन ने जोर देकर कहा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व और बिहार इकाई मिलकर सही समय पर सही फैसला लेंगे, जिसमें बिहार के विकास का रोडमैप सबसे ऊपर होगा।नीतीश कुमार का इस्तीफा और राज्यसभा का सफरमुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद हाल ही में बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, वे 10 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। हालांकि, तकनीकी रूप से वे अगले छह महीनों तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि शपथ लेने के तुरंत बाद वे पद छोड़ देंगे। नितिन नबीन ने भी नीतीश कुमार के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि बिहार हमेशा उनका ऋणी रहेगा।इन नामों पर टिकी हैं सबकी नजरेंभले ही नितिन नबीन विवाद से इनकार कर रहे हों, लेकिन उत्तराधिकारी की रेस में कई दिग्गजों के नाम चर्चा में हैं। राजनीतिक गलियारों में सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री), प्रेम कुमार (विधानसभा अध्यक्ष) और प्रमोद कुमार चंद्रवंशी जैसे नामों पर मंथन जारी है। जेडीयू के कुछ नेता नीतीश कुमार के करीबी मंत्रियों को इस पद पर देखना चाहते हैं, जबकि भाजपा इस बार अपना खुद का मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में मजबूती से खड़ी दिख रही है।तेजस्वी यादव का तंज: ‘बीजेपी ने नीतीश को धोखा दिया’दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पूरी हलचल पर चुटकी ली है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने खुद इस्तीफा नहीं दिया है, बल्कि भाजपा ने उन्हें रास्ते से हटाया है। तेजस्वी का दावा है कि भाजपा अब बिहार में ‘महाराष्ट्र मॉडल’ अपनाना चाहती है। हालांकि, नितिन नबीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि एनडीए का लक्ष्य केवल ‘विकसित बिहार 2030’ के सपने को साकार करना है।