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बिहार भाजपा की नई टीम का काउंटडाउन शुरू संजय सरावगी ने दिल्ली भेजी लिस्ट, नितिन नवीन के पटना दौरे पर लगेगी फाइनल मुहर

News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व वाली नई प्रदेश कमेटी की घोषणा अब किसी भी समय हो सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष ने नई टीम के नामों को अंतिम रूप देकर आलाकमान की मंजूरी के लिए सूची दिल्ली भेज दी है। इस बार भाजपा का पूरा फोकस 2026-27 के आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने पर है, जिसके लिए कमेटी में अनुभव और जोश का एक ‘बैलेंस्ड फॉर्मूला’ तैयार किया गया है।नए-पुराने चेहरों का संगम: तीन दर्जन नेताओं को मिलेगी जगह नई प्रदेश कमेटी में करीब तीन दर्जन (36) नेताओं को एडजस्ट करने की तैयारी है। इस टीम में उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, कोषाध्यक्ष और कार्यालय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। पार्टी इस बार ‘सोशल इंजीनियरिंग’ के साथ-साथ ‘पीढ़ी परिवर्तन’ का भी संकेत दे रही है। कमेटी में वरीय नेताओं के अनुभव का लाभ उठाने के साथ-साथ युवाओं को भी बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है ताकि संगठन की गतिविधियों को और अधिक धार दी जा सके।महिला सशक्तिकरण पर जोर: एक तिहाई भागीदारी की तैयारी भाजपा की इस नई कमेटी में महिलाओं की भागीदारी सबसे अहम पहलू होने वाली है। महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्षी घेराबंदी के बीच, पार्टी ने रणनीति बनाई है कि संगठन में कम से कम एक तिहाई (33%) पदों पर महिलाओं को जगह दी जाए। इससे पार्टी न केवल आधी आबादी के बीच अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है, बल्कि यह संदेश भी देना चाहती है कि भाजपा महिलाओं को नेतृत्व के अवसर देने में सबसे आगे है।नितिन नवीन का पटना आगमन: 30 अप्रैल को होगी बड़ी बैठक बिहार के लाल और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आगामी 30 अप्रैल को पटना आ सकते हैं। एनडीए सरकार के विश्वासमत हासिल करने और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका एक महत्वपूर्ण राजनीतिक दौरा माना जा रहा है। अपने प्रवास के दौरान नितिन नवीन न केवल प्रदेश कमेटी के गठन पर अंतिम विमर्श करेंगे, बल्कि एनडीए गठबंधन के नेताओं के साथ मंत्रिमंडल विस्तार और आगामी चुनावी रणनीति पर भी चर्चा करेंगे। उनके आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है।संगठन में क्यों पड़ी बदलाव की जरूरत? लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद बिहार भाजपा के भीतर संगठनात्मक शून्यता को भरने के लिए यह बदलाव अनिवार्य माना जा रहा था। डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद संजय सरावगी को कमान सौंपी गई थी, और अब वे अपनी खुद की ‘कोर टीम’ के साथ मैदान में उतरने को तैयार हैं। यह नई टीम न केवल संगठन को मजबूती देगी, बल्कि बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को जोड़ने का काम भी करेगी।