
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में एक बार फिर नियुक्तियों और कथित भ्रष्टाचार को लेकर घमासान छिड़ गया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सूबे के सरकारी स्कूलों में संगीत शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया को लेकर नीतीश सरकार पर तीखा प्रहार किया है। तेजस्वी ने आरोप लगाया है कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है और योग्य अभ्यर्थियों को दरकिनार कर अपनों को रेवड़ियां बांटी जा रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया और प्रेस वार्ता के जरिए सरकार से जवाब मांगा है कि आखिर क्यों हर भर्ती किसी न किसी विवाद या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है?’संगीत के सुरों में भ्रष्टाचार का शोर’ – तेजस्वी का तंजतेजस्वी यादव ने बहाली के आंकड़ों और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार के स्कूलों में संगीत जैसे विषयों के लिए शिक्षक मिलने में पहले ही देरी हुई और अब जब मौका आया है, तो उसमें पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने कहा कि “बिहार के प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना सरकार की आदत बन गई है।” तेजस्वी ने दावा किया कि मेरिट लिस्ट और अंक निर्धारण में कई ऐसी खामियां हैं जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती हैं। उनके इस बयान के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।युवाओं और बेरोजगारों के मुद्दे पर घेराआरजेडी नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए सरकार को घेरते हुए कहा कि हमने अपने कार्यकाल के दौरान लाखों नौकरियां देने का जो सिलसिला शुरू किया था, उसे मौजूदा सरकार ने ठप कर दिया है। तेजस्वी के अनुसार, संगीत शिक्षकों की भर्ती में धांधली केवल एक उदाहरण है, असल में पूरी व्यवस्था ही लचर हो चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इस भर्ती प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच नहीं कराई और गड़बड़ियों को ठीक नहीं किया, तो वे युवाओं के हक के लिए सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।क्या कहती है नीतीश सरकार?तेजस्वी के आरोपों पर सत्ता पक्ष की ओर से भी जवाबी हमला शुरू हो गया है। सरकार के प्रवक्ताओं का कहना है कि भर्ती पूरी तरह से नियम संगत और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। विपक्ष केवल हताशा में आधारहीन आरोप लगाकर युवाओं को गुमराह कर रहा है। हालांकि, अभ्यर्थियों के बीच व्याप्त संशय और तेजस्वी के कड़े रुख ने इस मुद्दे को बिहार की सियासत का केंद्र बना दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या शिक्षा विभाग इन आरोपों पर कोई स्पष्टीकरण जारी करता है या यह विवाद कोर्ट की दहलीज तक पहुंचेगा।
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