
भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कुछ समय से चल रही तल्खियों को दूर करने की दिशा में नई दिल्ली ने एक बहुत बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। भारत इस साल सितंबर के महीने में नई दिल्ली में प्रतिष्ठित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) की मेजबानी करने जा रहा है। हालांकि बांग्लादेश आधिकारिक तौर पर ब्रिक्स का सदस्य या ऑब्जर्वर देश नहीं है, फिर भी भारत ने बड़े दिल का परिचय देते हुए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को इस महासम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण भेजा है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच रिश्तों को पटरी पर लाने के लिहाज से इसे एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।
ढाका के पीएमओ के पाले में गेंद, शमा ओबैद इस्लाम ने की न्योते की पुष्टि
भारत द्वारा भेजे गए इस विशेष आमंत्रण को लेकर बांग्लादेश की सरकार की तरफ से भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आ चुकी है। बांग्लादेश की उप-विदेश मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने गुरुवार को ढाका में इस बात की पुष्टि की कि भारतीय पक्ष का निमंत्रण पत्र उनके विदेश मंत्रालय को मिल चुका है और अंतिम निर्णय के लिए इसे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेज दिया गया है। अगर प्रधानमंत्री तारिक रहमान इस निमंत्रण को स्वीकार करते हैं, तो फरवरी 2026 में अपनी पार्टी बीएनपी की सरकार बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। इस संभावित यात्रा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तारिक रहमान के बीच पहली बार द्विपक्षीय बातचीत होने का रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच लंबे समय से रुका उच्च-स्तरीय संवाद फिर से शुरू हो सकेगा।
खटास भरे रिश्तों को सुधारने और गंगा जल संधि जैसे अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के 15 महीनों के कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के रिश्ते अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे, और अगस्त 2024 के बाद से पूर्व पीएम शेख हसीना के भारत में रहने का मुद्दा भी द्विपक्षीय संबंधों में एक बड़ी अड़चन बना हुआ है। इसके बावजूद, नई दिल्ली का यह न्योता दोनों देशों के बीच जमी बर्फ को पिघलाने में मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा, आगामी 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होने वाली ऐतिहासिक 1996 की गंगा जल संधि के नवीनीकरण (Renewal) और दोनों देशों द्वारा राजनयिक स्तर पर की जा रही नए उच्चायुक्तों की नियुक्तियों जैसे गंभीर विषयों पर इस संभावित मुलाकात के दौरान महत्वपूर्ण चर्चा होने की पूरी उम्मीद है।
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