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ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने दिया इस्तीफा, पीएम स्टार्मर पर सेना के लिए खर्च न देने के लगाए आरोप

यूनाइटेड किंगडम (UK) की राजनीति और वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से इस समय की एक बहुत बड़ी और बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। ब्रिटिश सरकार के सबसे कद्दावर नेताओं में से एक और देश के रक्षा मंत्री जॉन हीली (John Healey) ने गुरुवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा देकर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। जॉन हीली ने प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर (Keir Starmer) की नीतियों के खिलाफ खुला विद्रोह करते हुए आरोप लगाया है कि मौजूदा सरकार बढ़ते वैश्विक खतरों के इस दौर में भी अपनी ही सेना पर पर्याप्त खर्च करने को तैयार नहीं है। पीएम स्टार्मर के सबसे करीबी सहयोगियों में शुमार होने के बावजूद हीली का यह कदम ब्रिटिश प्रधानमंत्री के लिए एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। संपादनकर्ता साक्षी गुप्ता की इस विशेष डिजिटल रिपोर्ट में जानिए कि कैसे एक खुफिया 'डिफेंस इन्वेस्टमेंट प्लान' के लीक होने के बाद ब्रिटेन की सत्ताधारी पार्टी में यह बड़ा गृहयुद्ध छिड़ गया।

खतरनाक समय में सेना के बजट में भारी कटौती, रक्षा मंत्री ने पीएम स्टार्मर के गुप्त प्लान का किया भंडाफोड़

पूर्व रक्षा मंत्री जॉन हीली ने अपने इस्तीफे के पीछे की मुख्य वजह का खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें पिछले सोमवार को एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी मिली थी। उन्हें पता चला था कि प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर जल्द ही एक नए 'डिफेंस इन्वेस्टमेंट प्लान' (रक्षा निवेश योजना) की सार्वजनिक घोषणा करने वाले हैं। इस गुप्त योजना के तहत ब्रिटिश सेना के आधुनिकीकरण और हथियारों के लिए उतनी फंडिंग (बजट) नहीं बढ़ाई जा रही थी, जितनी मौजूदा वैश्विक हालातों को देखते हुए बेहद जरूरी थी। हीली का स्पष्ट मानना है कि इस खतरनाक समय में जब दुनिया भर में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं, तब सरकार का यह रक्षा निवेश प्लान जरूरत से काफी कम और पूरी तरह अपर्याप्त है।

कोरे कागजों पर सेना की तैयारी कम करने का दबाव, हीली ने पत्र लिखकर इंटरनेट मीडिया पर मचाया तहलका

प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर को भेजे गए और बाद में खुद इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया) पर सार्वजनिक किए गए अपने एक बेहद तीखे पत्र में जॉन हीली ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हीली ने पत्र में लिखा, 'एक रक्षा मंत्री के तौर पर मुझ पर लगातार ऐसे आत्मघाती फैसले लेने का दबाव डाला जा रहा था, जिनसे हमारी सेना की युद्ध की तैयारियां बेहद कम हो जाएंगी। इतना ही नहीं, बजट में इस भारी कटौती की वजह से अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन्स पर तैनात हमारे जांबाज जवानों के लिए जान का जोखिम कई गुना बढ़ जाएगा और अंततः खुद हमारे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा भी पूरी तरह से कमजोर हो जाएगी।' रक्षा मंत्री के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि ब्रिटिश सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

शीर्ष स्तर पर नेतृत्व बदलाव की मांग हुई तेज, रक्षा मंत्री के अविश्वास से संकट में घिरी स्टार्मर सरकार

जॉन हीली द्वारा प्रधानमंत्री की नीतियों में खुलेआम अविश्वास जताने के बाद ब्रिटेन में विपक्षी दलों के साथ-साथ खुद सत्ताधारी पार्टी के उन आलोचकों को एक बहुत बड़ा हथियार मिल गया है, जो लंबे समय से कह रहे थे कि देश को शीर्ष स्तर पर नेतृत्व में बड़े बदलाव की तत्काल जरूरत है। रक्षा मंत्री के इस तरह अचानक पद छोड़ने से पीएम कीएर स्टार्मर पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गए हैं। रक्षा जैसे संवेदनशील विभाग के मुखिया द्वारा सरकार की मंशा पर सवाल उठाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ब्रिटेन की साख को गहरा धक्का लगा है और देश के सैन्य अधिकारियों के बीच भी भारी असंतोष फैलने की खबर है।

3 प्रतिशत का वादा कर 2.68 पर अटकी सरकार, जीडीपी खर्च के आंकड़ों पर खुली वादे की पोल

इस पूरे विवाद की जड़ में सैन्य खर्च को लेकर हुआ एक बड़ा नीतिगत मतभेद है। जॉन हीली ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री स्टार्मर ने पहले उनके साथ व्यक्तिगत चर्चा में यह सहमति जताई थी कि देश का सैन्य खर्च सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 3 प्रतिशत तक किया जाएगा। लेकिन नए प्लान के तहत साल 2030 तक इस सैन्य खर्च को केवल 2.68 प्रतिशत तक ही सीमित रखने का लक्ष्य तय किया गया है, जो कि तय वादे से बहुत कम है। हीली के मुताबिक, सेना के बजट के साथ यह समझौता देश के साथ धोखा है, जिसके कारण उन्होंने पद पर बने रहने के बजाय इस्तीफा देना ही बेहतर समझा।