
News India Live, Digital Desk : बिहार विधानसभा के बजट सत्र का सोमवार का दिन न केवल तीखी बहस बल्कि हंसी-मजाक और कटाक्ष के नाम भी रहा। सदन में उस वक्त अजीब स्थिति पैदा हो गई जब सरकार के एक कद्दावर मंत्री ने अपने विभाग की किसी योजना के लिए दूसरे विभाग के मंत्री से सार्वजनिक रूप से मांग कर दी। इस ‘विचित्र’ स्थिति को देख राजद के फायरब्रांड विधायक भाई वीरेंद्र ने मोर्चा संभाल लिया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए।क्या था पूरा मामला? (The Incident)सदन की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल चल रहा था। सूत्रों के अनुसार, एक विभाग के मंत्री अपने क्षेत्र या विभाग से जुड़ी किसी फाइल को दूसरे विभाग (जो संभवतः वित्त या नगर विकास से जुड़ा था) में अटकने की बात कर रहे थे। उन्होंने खुले मंच से दूसरे मंत्री से उस काम को जल्द पूरा करने का अनुरोध किया।भाई वीरेंद्र का ‘तीर’ और सदन का ठहाकाविपक्ष की बेंच पर बैठे राजद विधायक भाई वीरेंद्र तुरंत अपनी सीट से खड़े हुए और उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में तंज कसते हुए कहा:”अजीब तमाशा है! यहाँ तो मंत्री ही मंत्री के सामने कटोरा लेकर खड़ा है। जब सरकार के अंदर ही मंत्रियों की नहीं सुनी जा रही, तो आम जनता और विधायकों की क्या बिसात? मुख्यमंत्री जी, देख लीजिए आपकी कैबिनेट में कैसा तालमेल है।”भाई वीरेंद्र के इस बयान पर विपक्षी सदस्यों ने मेज थपथपाकर समर्थन किया, जबकि सत्ता पक्ष के कुछ विधायक मुस्कुराहट छिपाते नजर आए।क्यों चर्चा में है यह वाकया?यह वाकया बिहार में ‘डबल इंजन’ सरकार के भीतर विभागों के बीच आपसी सामंजस्य (Coordination) की कमी को उजागर करता है। विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर यह साबित करने की कोशिश कर रहा है कि अधिकारियों और मंत्रियों के बीच फाइलों का खेल चल रहा है, जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।अन्य मुख्य अपडेट्स:शिक्षकों का मुद्दा: भाई वीरेंद्र ने केवल चुटकी ही नहीं ली, बल्कि नियोजित शिक्षकों के स्थानांतरण और वेतन विसंगतियों को लेकर भी सरकार को घेरा।तेजस्वी की उपस्थिति: व्हीलचेयर पर आए तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे पर मुस्कराते हुए सहमति जताई और सरकार को ‘बेबस’ करार दिया।रिपोर्टर की राय: विपक्ष की रणनीतिबिहार विधानसभा में इस बार विपक्ष केवल आंकड़ों पर नहीं, बल्कि ‘साइकोलॉजिकल वॉर’ (मनोवैज्ञानिक युद्ध) पर भी ध्यान दे रहा है। मंत्रियों के बीच की छोटी सी भी अनबन को बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार की ‘एकजुटता’ की छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
UK News