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महायुद्ध का सबसे खूनी मोड़ ईरान ने दागीं 75 मिसाइलें, अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकाने दहले क्या शुरू हो गया वर्ल्ड वॉर 3?

News India Live, Digital Desk: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने अब एक ऐसा विनाशकारी रूप ले लिया है जिसकी कल्पना मात्र से दुनिया कांप उठी है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के जवाब में अब तक का सबसे बड़ा पलटवार करते हुए इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर एक साथ 75 बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार कर दी है। इस भीषण हमले में इजरायल के दक्षिण में स्थित डिमोना और अराद जैसे शहर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। बताया जा रहा है कि इस हमले में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जबकि कई सैन्य संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।डिफेंस सिस्टम फेल! डिमोना और अराद में मची तबाहीईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों ने इजरायल के अभेद्य माने जाने वाले डिफेंस सिस्टम को भेदते हुए सीधे रिहायशी और सैन्य इलाकों को निशाना बनाया। इजरायली सेना (IDF) ने स्वीकार किया है कि वे कुछ मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहे। डिमोना, जो इजरायल के संवेदनशील परमाणु अनुसंधान केंद्र के करीब है, वहां मिसाइल गिरने से जमीन में गहरे गड्ढे हो गए और कई इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं। अराद शहर में भी स्थिति अत्यंत गंभीर है, जहां दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ईरान ने दावा किया है कि यह हमला नतांज परमाणु संयंत्र पर हुए हमले का सीधा बदला है।अमेरिकी सैन्य बेस भी निशाने पर: हिंद महासागर तक पहुंची आंचईरान का गुस्सा केवल इजरायल तक सीमित नहीं रहा। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस ‘डिएगो गार्सिया’ को निशाना बनाकर लंबी दूरी की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) दागीं। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों को ‘असफल’ बताया है, लेकिन 4000 किलोमीटर दूर तक मिसाइल दागने की ईरान की क्षमता ने पेंटागन की नींद उड़ा दी है। इसके अलावा कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें हैं, जिससे खाड़ी के देशों में दहशत का माहौल है।बेंजामिन नेतन्याहू की खुली चेतावनी— ‘हर मोर्चे पर मिलेगा जवाब’इस हमले के तुरंत बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश के नाम संबोधन में इसे ‘भविष्य की लड़ाई की सबसे कठिन शाम’ करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि इजरायल चुप नहीं बैठेगा और ईरान के हर हमले का जवाब दस गुना ताकत से दिया जाएगा। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि होरमुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया और हमले नहीं रुके, तो ईरान के पावर प्लांट्स को ‘मिट्टी में मिला’ दिया जाएगा। दुनिया भर के शेयर बाजार धड़ाम हो गए हैं और कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।