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महायुद्ध की कगार पर दुनिया ट्रंप की नौसैनिक घेराबंदी से दहला ईरान, क्या पाकिस्तान करा पाएगा समझौता?

News India Live, Digital Desk : पश्चिम एशिया (West Asia) के सुलगते हालात अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गए हैं, जहां से पूरी दुनिया पर महायुद्ध का खतरा मंडराने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त नीतियों और ईरान के पलटवार की धमकियों ने वैश्विक बाजार से लेकर कूटनीतिक गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है। ट्रंप सरकार ने ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय इलाकों की ‘नौसैनिक घेराबंदी’ (Naval Blockade) शुरू कर दी है, जिसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद करने और अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। इस भीषण तनाव के बीच पाकिस्तान एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सवाल वही है क्या शांति की कोई गुंजाइश बची है?ट्रंप की सख्त चेतावनी: ‘सहयोग करो या परिणाम भुगतो’राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे ईरान के साथ किसी भी समझौते के लिए दो प्रमुख शर्तें रखेंगे। पहली होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए तुरंत और पूरी तरह खोला जाए। दूसरी ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) को पूरी तरह नष्ट करे। ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वे अब और इंतजार करने के मूड में नहीं हैं। अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज के महत्वपूर्ण रास्तों से ईरानी माइन्स (समुद्री बारूद) को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसे ईरान ने ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है।होर्मुज जलडमरूमध्य: जहां से गुजरता है दुनिया की खुशहाली का रास्तादुनिया भर के कुल तेल निर्यात का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। अगर ईरान इसे बंद करने में कामयाब होता है, तो वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है। ईरान की सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पूरा फारस की खाड़ी उनका ‘हंटिंग ग्राउंड’ (शिकारगाह) है और वे किसी भी बाहरी घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं करेंगे।पाकिस्तान की मध्यस्थता: इस्लामाबाद में हाई-वोल्टेज ड्रामाइस महासंकट को टालने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इस्लामाबाद में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच मैराथन बैठकें हुई हैं। पाकिस्तान कोशिश कर रहा है कि युद्धविराम (Ceasefire) को 45 दिनों के लिए और बढ़ा दिया जाए, लेकिन ट्रंप ने इसे आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान सिर्फ वक्त बर्बाद कर रहा है।इजरायल का रुख और परमाणु हथियारों का डरइजरायल के रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि ईरान से यूरेनियम हटाना युद्ध खत्म करने की अनिवार्य शर्त है। अमेरिका और इजरायल दोनों ही ईरान के परमाणु ठिकानों पर किसी भी वक्त बड़े हमले की तैयारी में दिख रहे हैं। वहीं, रूस और चीन की नजरें भी इस क्षेत्र पर टिकी हैं, क्योंकि तेल की आपूर्ति बाधित होने से उनके आर्थिक हित भी प्रभावित हो रहे हैं। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि दुनिया शांति की ओर बढ़ेगी या तीसरे विश्व युद्ध की आग में झुलसेगी।