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मादुरो को पकड़ने की कीमत, अमेरिका की इस गुप्त मिशन में क्या वाकई कोई अपना मारा गया?

News India Live, Digital Desk: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अब अमेरिका की गिरफ्त में हैं। दुनिया भर में डोनल्ड ट्रंप और उनकी टीम की तारीफ हो रही है, जिसे वे एक बड़ी जीत बता रहे हैं। लेकिन हर जीत की एक कीमत होती है। रिपोर्ट्स और दबी जुबान में आ रही खबरों की मानें, तो इस “सर्जिकल ऑपरेशन” में अमेरिका को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है।हंसी-खेल नहीं था यह मिशनहमें बताया जा रहा है कि अमेरिकी सुरक्षा बलों ने बिना किसी शोर-शराबे के मादुरो को उठा लिया। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, जब अमेरिकी एलीट फोर्स (Navy SEALs या स्पेशल ऑपरेटिव्स) मादुरो के ठिकाने पर पहुंची, तो उनका स्वागत फूलों से नहीं, गोलियों से हुआ। मादुरो की सुरक्षा में तैनात गार्ड्स और अमेरिकी सेना के बीच भीषण गोलीबारी हुई।क्या अमेरिका ने अपना सिपाही खोया?सबसे बड़ा सवाल और दुखद पहलू यह है कि इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिका ने अपने एक बहादुर को खो दिया। खबरों के मुताबिक, भारी गोलीबारी के बीच एक अमेरिकी नेवी सील (Navy SEAL) की जान जाने की खबर है, जबकि कुछ अन्य के घायल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, व्हाइट हाउस या पेंटागन ऐसे ऑपरेशन्स के नुकसान को अक्सर छुपाकर रखता है या देर से बताता है, लेकिन “कीमत” तो चुकानी पड़ी है।हेलीकॉप्टर और उपकरणों का नुकसान?सिर्फ जान ही नहीं, माल का भी नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि वहां से निकलते वक्त अमेरिकी टीम को भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ा, जिसमें उनके कुछ हाई-टेक सैन्य साजो-सामान और शायद एक वाहन या चॉपर को भी नुकसान पहुँचा है। यह बिल्कुल वैसा ही था जैसे हम फिल्मों में देखते हैं—मिशन पूरा हुआ, लेकिन पीछे तबाही के निशान छूट गए।ट्रंप क्यों हैं चुप?जीत के जश्न में इस “नुकसान” की चर्चा कम हो रही है। राष्ट्रपति ट्रंप इसे अपनी बड़ी कूटनीतिक और सैन्य सफलता बता रहे हैं। उनका फोकस इस बात पर है कि ‘तानाशाह’ मादुरो अब सलाखों के पीछे है और वेनेजुएला “मुक्त” हो रहा है। लेकिन सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि एक विदेशी धरती पर राष्ट्रपति को अगवा करना और अपने एलीट कमांडो को खोना, यह सौदा बहुत महंगा था।क्या यह जरूरी था?अमेरिका में अब यह बहस भी शुरू हो सकती है कि क्या मादुरो को पकड़ने के लिए अमेरिकियों की जान जोखिम में डालना सही था? एक तरफ तेल का खेल है, दूसरी तरफ सैनिकों की जान। फिलहाल अमेरिका ने अपना मकसद पूरा कर लिया है, लेकिन इतिहास याद रखेगा कि मादुरो की गिरफ्तारी ‘सस्ती’ नहीं थी।