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मुखिया बनने का ख्वाब देख रहे हैं तो पहले जान लें ये कड़े नियम, इन लोगों पर चुनाव लड़ने पर लगा है सीधा प्रतिबंध

बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों (Bihar Panchayat Elections) की सुगबुगाहट तेज होते ही गांवों की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है। यदि आप भी इस बार के चुनाव में मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य या पंचायत समिति सदस्य जैसी प्रतिष्ठित सीटों पर अपनी किस्मत आजमाने और जनता की सेवा करने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। चुनाव मैदान में उतरने से पहले राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) के कुछ बेहद कड़े नियमों और योग्यताओं के बारे में जान लेना आपके लिए अनिवार्य है, क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही या कानूनी अड़चन आपका चुनाव लड़ने का पूरा सपना पलभर में चकनाचूर कर सकती है।

क्या हैं मुखिया बनने के लिए बुनियादी योग्यताएं और जरूरी शर्तें?

बिहार पंचायत चुनाव में मुखिया या अन्य पदों के लिए खड़े होने वाले उम्मीदवारों को आयोग द्वारा तय किए गए पात्रता मानदंडों को पूरा करना सबसे पहली शर्त है। सबसे पहले उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष पूरी होनी चाहिए और उसका नाम संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची (Voter List) में दर्ज होना अनिवार्य है। इसके अलावा, प्रत्याशी के पास किसी भी प्रकार के आपराधिक रिकॉर्ड या सरकारी बकाये का पचड़ा नहीं होना चाहिए। जानकारों का कहना है कि चुनाव लड़ने की चाह रखने वाले हर व्यक्ति को नामांकन दाखिल करने से पहले अपने सभी दस्तावेजों और सरकारी औपचारिकताओं को पूरी तरह दुरुस्त कर लेना चाहिए ताकि स्क्रूटनी के दौरान पर्चा खारिज होने का कोई खतरा न बचे।

किन लोगों पर है चुनाव लड़ने की सख्त रोक?

राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक कुछ खास श्रेणियों के लोगों को पंचायत चुनाव लड़ने से पूरी तरह प्रतिबंधित (Disqualified) किया गया है। यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार के सरकारी लाभ के पद पर है, किसी आपराधिक मामले में सजायाफ्ता है, या फिर उसने स्थानीय निकाय का कोई पुराना सरकारी बकाया या टैक्स जमा नहीं किया है, तो वह चुनाव नहीं लड़ सकता है। इसके अलावा, जिन उम्मीदवारों के दो से अधिक संतानें हैं या जो तय समय सीमा के भीतर अपने चुनावी खर्च का हिसाब- किताब आयोग के सामने पेश करने में असफल रहे हैं, उन्हें भी चुनाव लड़ने के योग्य नहीं माना जाता है। इसलिए मैदान में उतरने से पहले इन तमाम कानूनी बिंदुओं की पूरी जानकारी होना हर भावी प्रत्याशी के लिए बेहद जरूरी है।