
News India Live, Digital Desk: रूस और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गई है। ताज़ा मामला ‘मैरीनेरा’ (Marinera) नाम के एक तेल टैंकर का है, जिसे लेकर दोनों महाशक्तियां आमने-सामने आ गई हैं। खबर है कि अमेरिका ने इस टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया है, जिसके बाद रूस का गुस्सा सातवें आसमान पर है। मॉस्को ने इसे ‘अंतरराष्ट्रीय डकैती’ करार देते हुए अमेरिका को कड़ी चेतावनी जारी की है।आखिर क्या है यह पूरा विवाद?देखा जाए तो अमेरिका अक्सर उन जहाजों पर कार्रवाई करता है जिन्हें लगता है कि वे उसके प्रतिबंधों (Sanctions) का उल्लंघन कर रहे हैं। ‘मैरीनेरा’ तेल टैंकर को लेकर भी अमेरिका का यही तर्क है। लेकिन रूस ने इसे सीधे-सीधे उसकी संप्रभुता पर हमला बताया है। रूस का कहना है कि समंदर के बीचों-बीच किसी का जहाज़ इस तरह रोक लेना किसी गुंडागर्दी से कम नहीं है।रूस ने दी क्या धमकी?रूस के विदेश मंत्रालय की तरफ से जो बयान आया है, वह काफी कड़ा है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका अपनी हदें पार कर रहा है और इस तरह की हरकतों का जवाब उसे उन्हीं की भाषा में दिया जाएगा। जानकारों का मानना है कि रूस अब अमेरिकी व्यापारिक जहाजों या फिर उनकी सप्लाई चेन को निशाना बना सकता है। जब दो ताकतवर देशों के बीच बात “जैसे को तैसा” पर आ जाती है, तो खतरा पूरी दुनिया के लिए बढ़ जाता है।तेल और ग्लोबल पॉलिटिक्स का खेलदुनिया इस समय ऊर्जा संकट और महंगाई से जूझ रही है। ऐसे में तेल की आवाजाही को रोकना केवल दो देशों का झगड़ा नहीं है, बल्कि इससे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। अगर ये खींचतान लंबी खिंची, तो शिपिंग रूट असुरक्षित हो जाएंगे, जिसका सीधा असर हमारी और आपकी जेब पर पड़ सकता है।
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