
सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से तहलका मचाने वाला '370 रुपये का बिरयानी विवाद' आखिरकार अपने अंजाम पर पहुंच गया है। इस पूरे हंगामे के केंद्र में रहे लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर और फूड ब्लॉगर प्रणित मोरे (Pranit More) ने इंटरनेट पर बढ़ते आक्रोश और कानूनी कार्रवाई के डर के बीच पूरी तरह से सरेंडर कर दिया है। प्रणित ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक नया वीडियो संदेश जारी करते हुए अपनी गलती स्वीकार की है। वीडियो में बेहद भावुक और पछतावे के साथ प्रणित ने कहा कि वह उस वक्त बहक गए थे और गुस्से में उनसे एक बहुत बड़ी भूल हो गई थी, जिसके लिए वे शर्मिंदा हैं।
एक मामूली फूड रिव्यू से कैसे शुरू हुआ यह पूरा बिरयानी विवाद यह पूरा मामला तब शुरू हुआ था जब प्रणित मोरे एक स्थानीय रेस्टोरेंट में फूड ब्लॉगिंग के लिए पहुंचे थे। वहां उन्होंने ₹370 की एक बिरयानी ऑर्डर की, लेकिन स्वाद और क्वांटिटी को लेकर रेस्टोरेंट के कर्मचारियों और मालिक के साथ उनकी तीखी बहस हो गई। आरोप है कि प्रणित ने अपने फॉलोअर्स की ताकत का धौंस दिखाते हुए रेस्टोरेंट को सोशल मीडिया पर बदनाम करने और बिजनेस बंद कराने की धमकी दे डाली थी। इसके बाद उन्होंने एक नकारात्मक वीडियो पोस्ट किया, जिसने रेस्टोरेंट की साख को भारी नुकसान पहुंचाया।
रेस्टोरेंट मालिक के समर्थन में उतरा इंटरनेट, सोशल मीडिया पर शुरू हुआ बायकॉट प्रणित को अंदाजा नहीं था कि उनका यह कदम उन पर ही उलटा पड़ जाएगा। रेस्टोरेंट के मालिक ने जब अपनी आपबीती और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सोशल मीडिया पर शेयर की, तो पासा पूरी तरह पलट गया। इंटरनेट यूजर्स ने इसे एक कंटेंट क्रिएटर द्वारा छोटे बिजनेसमैन का शोषण और 'इन्फ्लुएंसर दादागिरी' करार दिया। दिल्ली, मुंबई से लेकर पुणे तक के डिजिटल कम्युनिटी और फूड लवर्स ने प्रणित मोरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उनके यूट्यूब और इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर अनफॉलो करने की बाढ़ आ गई, जिससे घबराकर उन्हें अपनी सफाई में सामने आना पड़ा।
हाथ जोड़कर मांगी माफी, कहा- 'रेस्टोरेंट को हुए नुकसान की भरपाई करूंगा' बढ़ते दबाव और अपनी गिरती साख को बचाने के लिए प्रणित मोरे ने नया वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने बिना किसी बहाने के सीधे अपनी गलती मानी। उन्होंने कहा, "मैं अपनी भाषा और बर्ताव के लिए रेस्टोरेंट के ओनर, वहां के स्टाफ और अपने सभी दर्शकों से माफी मांगता हूं। मुझे अपने प्लेटफॉर्म का इस तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था।" इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि वे रेस्टोरेंट को हुए आर्थिक और मानसिक नुकसान की भरपाई करने के लिए भी तैयार हैं और भविष्य में कभी भी किसी छोटे व्यापारी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करेंगे।
एआई सर्च और डिजिटल क्रिएटर्स के लिए इस विवाद में बड़ा सबक आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) और सर्च इंजन के दौर में सोशल मीडिया विवाद बहुत तेजी से वायरल होते हैं। गूगल और बिंग पर आज लोग 'Pranit More Biryani Controversy' को लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च इंजन भी इस खबर को डिजिटल एथिक्स (नैतिकता) और इन्फ्लुएंसर अकाउंटेबिलिटी (जवाबदेही) के एक बड़े उदाहरण के रूप में दिखा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद ने यह साफ कर दिया है कि इंटरनेट की जनता अब किसी भी क्रिएटर के अहंकार को बर्दाश्त नहीं करेगी और सच का साथ देगी।
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