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यूपी के 55 लाख छात्रों को मिली सबसे बड़ी खुशखबरी, 17 अक्टूबर को CM योगी देंगे दिवाली का सबसे खास तोहफा

News India Live, Digital Desk: दिवाली का पावन त्योहार बस दरवाजे पर दस्तक दे रहा है, और इस बार उत्तर प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं के लिए खुशियां दोगुनी होने वाली हैं! अगर आप भी यूपी में अपनी छात्रवृत्ति (Scholarship) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 17 अक्टूबर, 2025 को राज्य के करीब 55 लाख छात्र-छात्राओं के खातों में सीधे स्कॉलरशिप का पैसा ट्रांसफर (Scholarship Money Transfer) करने वाले हैं. यह योगी सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण पहल है, जिससे हजारों परिवारों को दिवाली से ठीक पहले आर्थिक सहायता मिलेगी और वे बड़े हर्षोल्लास के साथ त्योहार मना सकेंगे.कौन से छात्र होंगे इस बड़े तोहफे के हकदार?सीएम योगी 17 अक्टूबर को लखनऊ के लोक भवन में एक खास कार्यक्रम आयोजित करेंगे. इसमें वह ‘पूर्वदशम’ (Pre-matric), यानी कक्षा 9वीं और 10वीं में पढ़ रहे लगभग 14 लाख छात्रों, और ‘दशमोत्तर’ (Post-matric), यानी कक्षा 11वीं, 12वीं के साथ-साथ ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और अन्य प्रोफेशनल कोर्स कर रहे करीब 41 लाख छात्रों के लिए यह स्कॉलरशिप राशि जारी करेंगे. यह ‘यूपी छात्रवृत्ति योजना 2025’ उत्तर प्रदेश के सभी वर्गों के गरीब और जरूरतमंद छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें.पैसे सीधे बैंक खातों में, कोई धांधली नहीं!स्कॉलरशिप का पैसा सीधे ‘लाभार्थियों के बैंक खातों में’ डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजा जाएगा. यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि पैसा सीधे और बिना किसी बिचौलिए के योग्य छात्रों तक पहुंचे. इस कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ खुद वर्चुअल माध्यम से यह रकम ट्रांसफर करेंगे और कुछ चयनित 12 छात्रों को मंच पर प्रतीकात्मक रूप से छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र भी देंगे. ‘सीएम योगी का स्कॉलरशिप वितरण’ छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी राहत है, जिससे पारदर्शिता भी बनी रहेगी.दिवाली से पहले मिलेगी बड़ी राहत:उत्तर प्रदेश सरकार लगातार छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और उनकी पढ़ाई में आर्थिक रुकावट न आने देने के लिए प्रतिबद्ध है. दिवाली जैसे बड़े और खर्चीले त्योहार से ठीक पहले स्कॉलरशिप का पैसा मिलने से छात्र अपने लिए जरूरी किताबें, कॉपियां और अन्य पढ़ाई का सामान खरीद सकेंगे, अपनी स्कूल-कॉलेज की फीस जमा कर सकेंगे और सबसे महत्वपूर्ण, अपने परिवार को भी आर्थिक रूप से सहारा दे पाएंगे. यह ‘दिवाली का सरकारी तोहफा’ है, जो शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव लाएगा. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 2017 से पहले छात्रों को स्कॉलरशिप मिलने में अक्सर भेदभाव होता था और उन्हें सही समय पर राशि नहीं मिलती थी, लेकिन अब समय पर और सीधे खातों में पैसा भेजने से इस समस्या का स्थायी समाधान हो गया है.यह पहल उन ‘मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता’ देने की योगी सरकार की नीति का हिस्सा है, जो अपने सपने पूरे करने का हौसला रखते हैं. ‘उत्तर प्रदेश छात्र कल्याण योजनाएं’ राज्य के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.