राजधानी में रात में नहीं बल्कि दिन में होती है लूटपाट, क्राइम सिटी में अपराधी बेख़ौफ़ अपराध में लिप्त

दिल्ली : हॉट सिटी के रूप में पहचान बना चुका गाजियाबाद शहर अब पूरी तरह से क्राइम सिटी में तब्दील हो चुका है। यहां पुलिस का नहीं बल्कि बदमाशों का बेखौफ राज चलता है। यकीन न हो तो आप यहां के बीते चंद दिनों के आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल कर देख लीजिए। यहां बदमाश हथियार तान कर जब चाहे, जहां चाहे और रात में नहीं बल्कि दिन में ही लूट, डकैती, अपहरण और दुष्कर्म जैसी संगीन घटनाओं को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं और कार्रवाई के नाम पर पुलिस सिर्फ लकीर पीटती रह जाती है। अपराध का आंकड़ा बताता है कि क्राइम सिटी में तब्दील हो चुके इस शहर में ‘सरकार’ द्वारा किए गए सुरक्षा के दावे भी फेल हो चुके हैं। जिस कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाकर सरकार दोबारा सत्ता में लौटी है वह कानून व्यवस्था यहां रोजाना तार.तार होती दिखाई पड़ती है।
सोमवार को लुटेरों ने जहां पेट्रोल पंप से बैंक जाते वक्त कर्मचारियों से 25 लाख रुपए का कैश लूटा वहीं, शनिवार को बेखौफ बदमाश कैश लूटने के लिए नूरनगर स्थित पीएनबी में ही घुस गए। हेलमेट और नकाब पहने चार बदमाशों ने पिस्टल तानकर बैंक में मौजूद मैनेजर समेत तीन कर्मचारियों और दो ग्राहकों को बंधक बना लिया और वह कैशियर से 11.86 लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। हरकत करने पर बदमाशों ने बैैंककर्मियों को गोली मारने की धमकी दी। रिहायशी इलाके में दिनदहाड़े हुई यह दुस्साहसिक घटना बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। जबकि दो बाइकों पर भागते चार बदमाश रास्ते में लगे कैमरों में भी कैद मिले हैं। दिनदहाड़े बैंक में लूट की सूचना से पुलिस विभाग में हडक़ंप मच गया और जिले की कमान संभाल रहे आईजी मेरठ प्रवीण कुमार भी आनन.फानन में यहां पहुंच गए। इस घटना के बाद बड़ा सवाल यह है कि पेट्रोल पंप कर्मियों से 25 लाख रुपए लूट की घटना के बाद सरकार ने जिले में अपराध नियंत्रण करने में नाकामी का आरोप लगाते हुए जिस तरह से एसएसपी पवन कुमार को वीरवार को सस्पेंड किया था, क्या इस घटना के बाद भी किसी जिम्मेदार अफसर या कर्मचारी पर ऐसी ही कार्रवाई देखने को मिलेगी?