News India Live, Digital Desk: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के 12वीं कक्षा के नतीजे घोषित होने के साथ ही प्रदेश के लाखों होनहार छात्रों के सामने करियर का एक अहम मोड़ आ गया है। रिजल्ट की खुशी के बीच सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि अब आगे क्या? क्या घर के पास वाले किसी स्थानीय कॉलेज में सीधे (डायरेक्ट) एडमिशन ले लेना समझदारी है, या फिर देश की टॉप यूनिवर्सिटीज में जाने के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) की तैयारी करनी चाहिए? आज के इस कड़े कॉम्पिटिशन वाले दौर में कॉलेज का चुनाव सिर्फ एक डिग्री पाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह आपके पूरे भविष्य की नींव तय करता है। अगर आपकी आंखों में भी दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU), बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) या जेएनयू (JNU) जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ने का सपना है, तो CUET आपके लिए सफलता की सबसे बड़ी चाबी साबित हो सकता है।डायरेक्ट एडमिशन बनाम CUET: जानिए आपके भविष्य के लिए क्या है बेस्ट अक्सर छात्र और उनके अभिभावक इस बात को लेकर भारी असमंजस में रहते हैं कि 12वीं के नंबरों के आधार पर कॉलेज चुनें या फिर एंट्रेंस एग्जाम की चुनौती स्वीकार करें। इस फर्क को गहराई से समझना बेहद जरूरी है। डायरेक्ट एडमिशन पूरी तरह से 12वीं की परसेंटेज और कॉलेजों द्वारा जारी की जाने वाली ‘कट-ऑफ’ के भरोसे होता है। कई बार ऐसा होता है कि 90 फीसदी से ज्यादा अंक लाने वाले मेधावी छात्र भी टॉप कॉलेजों की लिस्ट से बाहर हो जाते हैं।इसके ठीक उलट, CUET एक ऐसा मंच है जहां 12वीं के नंबर सिर्फ फॉर्म भरने की योग्यता (पात्रता) तय करते हैं, जबकि असली खेल और चयन आपके एंट्रेंस टेस्ट के स्कोर पर टिका होता है। यह उन लाखों छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो बोर्ड परीक्षाओं में किन्हीं कारणों से थोड़े कम अंक ला पाए, लेकिन टैलेंट के मामले में किसी से पीछे नहीं हैं। CUET के जरिए आप देश की उन टॉप सरकारी यूनिवर्सिटीज की सीढ़ियां चढ़ते हैं, जहां की शानदार फैकल्टी, वर्ल्ड-क्लास रिसर्च सुविधाएं और पढ़ाई का बेहतरीन माहौल किसी भी आम प्राइवेट या लोकल कॉलेज से कोसों आगे है। सबसे बड़ी राहत यह है कि इन सरकारी विश्वविद्यालयों में फीस नाममात्र की होती है और ढेरों स्कॉलरशिप भी मिलती हैं, जिससे मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के होनहार बच्चों पर पढ़ाई का भारी आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।CUET का जलवा: हर स्ट्रीम के छात्रों के लिए 300 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज के दरवाजे खुले CUET की सबसे बड़ी ताकत इसकी ‘यूनिवर्सल एक्सेस’ यानी हर छात्र तक इसकी पहुंच है। आप राजस्थान के किसी छोटे से गांव से आते हों या उत्तर प्रदेश, बिहार या कर्नाटक के किसी बड़े शहर से, आप इस नेशनल लेवल की परीक्षा में पूरी शान से बैठ सकते हैं। चाहे आप आर्ट्स के छात्र हों, साइंस के या फिर कॉमर्स के, सभी के लिए यहां मौके ही मौके हैं। इस एक टेस्ट के जरिए छात्र सिर्फ पारंपरिक बीए (BA) या बीएससी (BSc) तक सीमित नहीं रहते, बल्कि बीटेक (BTech), बी-फार्मा (BPharma), बीबीए (BBA) और एलएलबी (LLB) जैसे हाई-डिमांड प्रोफेशनल कोर्सेज में भी आसानी से दाखिला पा सकते हैं।मौजूदा समय में देश भर की 300 से ज्यादा टॉप सरकारी, अर्ध-सरकारी और नामी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज इसी CUET के जरिए एडमिशन ले रही हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाने वाली दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU), उत्तर भारत के छात्रों की सबसे पसंदीदा बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU), रिसर्च और सोशल साइंस में देश में नंबर-1 मानी जाने वाली जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), इंजीनियरिंग के छात्रों की पहली पसंद डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) के अलावा जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) जैसे बड़े नाम शामिल हैं।UPSC और सरकारी नौकरी का है सपना, तो न करें ये गलती अगर आप भविष्य में UPSC (सिविल सेवा), पुलिस (UP-SI), SSC CPO या अन्य किसी भी बड़ी और प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं, तो आपके ग्रेजुएशन के कॉलेज का चुनाव इसमें बहुत बड़ा रोल निभाता है। देश की इन बड़ी और नामी यूनिवर्सिटीज का शैक्षणिक माहौल आपको न सिर्फ किताबी ज्ञान देता है, बल्कि बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मानसिक और बौद्धिक रूप से भी तैयार करता है। 12वीं पास करते ही जल्दबाजी में किसी भी लोकल कॉलेज में एडमिशन लेने की भूल करने से बचें। CUET जैसे शानदार विकल्प पर गंभीरता से विचार करना आपके करियर और जिंदगी के लिए असली गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह आपको कम पैसों में देश की सबसे बेहतरीन शिक्षा तो देता ही है, साथ ही पूरे देश के सबसे तेज दिमागों के बीच बैठकर खुद को निखारने का एक सुनहरा मौका भी प्रदान करता है।
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