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‘राणाजी 2.0’ के फ्लॉप होने और ट्रोलिंग पर ममता कुलकर्णी का बेबाक बयान, बताया आखिर 90 के दशक वाले ओरिजिनल गाने में ऐसा क्या था खास

आजकल बॉलीवुड में पुराने गानों का रीमेक बनाने का एक ट्रेंड सा चल पड़ा है। इसी कड़ी में 90 के दशक की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'करण अर्जुन' के आइकॉनिक गाने 'राणाजी माफ करना' का नया वर्जन 'राणाजी 2.0' हाल ही में रिलीज हुआ है। लेकिन दर्शकों को यह नया प्रयोग बिल्कुल पसंद नहीं आया और सोशल मीडिया पर इसे जमकर ट्रोल किया जा रहा है। इस भारी विरोध और आलोचनाओं के बीच अब उस ओरिजिनल गाने में अपनी अदाओं से दर्शकों को दीवाना बनाने वाली एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी ने अपनी बात रखी है।

'राणाजी 2.0' को क्यों नकार रहे हैं दर्शक?

दर्शकों का साफ कहना है कि नए गानों के नाम पर पुराने क्लासिक गानों की आत्मा के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। 'राणाजी 2.0' में न तो वह पुराना सुकून देने वाला संगीत है और न ही वह सादगी जो 90 के दशक के गानों की पहचान हुआ करती थी। सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार कमेंट कर रहे हैं कि नए कलाकारों की परफॉरमेंस में वह बात नहीं है जो सालों पहले ममता कुलकर्णी ने पर्दे पर दिखाई थी। इसी तुलना और पुरानी यादों के चलते नया गाना लोगों की उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फेरता नजर आ रहा है।

ममता ने बताया ओरिजिनल की सफलता का राज

नए गाने की ट्रोलिंग पर अपनी राय रखते हुए ममता कुलकर्णी ने इस बात पर जोर दिया कि उस दौर के गानों में एक अलग तरह की कशिश होती थी। उन्होंने बताया कि 90 के दशक के गानों में संगीत, बोल और कलाकारों की मेहनत का एक ऐसा परफेक्ट तालमेल होता था, जो सीधे लोगों के दिलों को छूता था। उस समय तकनीक भले ही आज जितनी एडवांस नहीं थी, लेकिन गानों में जो भावनाएं होती थीं वो बिल्कुल असली और जमीन से जुड़ी होती थीं। यही बड़ी वजह है कि 'राणाजी' जैसा गाना आज दशकों बाद भी हर पीढ़ी की जुबान पर चढ़ा हुआ है और दर्शक आज भी उस ओरिजिनल धुन को भूल नहीं पाए हैं।