
उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। सरकार अब प्रदेश के एक जिले को औद्योगिक केंद्र बनाने की तैयारी में है। यह सब बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे बनने वाले इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत किया जाएगा। इस योजना से जिले के विकास को नई रफ्तार मिलेगी और साथ ही रोजगार के नए मौके भी बनेंगे,जिसका सीधा फायदा लाखों लोगों को होगा। इस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए जमीन लेने का काम भी तेजी से चल रहा है।सरकार, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए यह औद्योगिक गलियारा बनवा रही है। इससे कई जिलों के लोगों को फायदा मिलेगा और यहाँ रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।इन2गांवों की जमीन पर बनेगा यह औद्योगिक केंद्रयह इंडस्ट्रियल कॉरिडोर औरैया जिले में बनाया जा रहा है,जिससे यह जिला एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा। इस गलियारे के निर्माण के लिए जिले के दो गांवों,मिहौली और निगड़ा की जमीन ली जाएगी। मिहौली गांव के639 किसानों और निगड़ा गांव के232 किसानों से जमीन खरीदी जाएगी। अब तक273किसानों से जमीन के बैनामे की प्रक्रिया पूरी भी हो चुकी है।जमीन अधिग्रहण का काम93%पूराजानकारी के मुताबिक,जमीन लेने का काम लगभग93%तक पूरा हो गया है। इस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए कुल124हेक्टेयर जमीन की जरूरत पड़ेगी। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA)और जिला प्रशासन ने पिछले साल ही जमीन अधिग्रहण का काम शुरू किया था, जो अब पूरा होने की कगार पर है। यह काम पूरा होते ही परियोजना पर आगे का काम शुरू कर दिया जाएगा।बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के बारे में कुछ खास बातेंबुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब296किलोमीटर है और इसका निर्माण2020में शुरू हुआ था। इस एक्सप्रेसवे के बनने से चित्रकूट, बांदा,हमीरपुर,महोबा, जालौन और इटावा जैसे बुंदेलखंड के कई जिले सीधे जुड़ गए हैं। इससे लाखों लोगों के लिए सफर बहुत आसान हो गया है। अभी यह एक्सप्रेसवे4लेन का है,लेकिन भविष्य में इसे6लेन तक बढ़ाया जा सकता है।इस एक्सप्रेसवे का निर्माण6अलग-अलग हिस्सों में हुआ है। इसमें चित्रकूट से बांदा (50.49किमी),बांदा से महोबा (50.300किमी),महोबा से हमीरपुर (49किमी), हमीरपुर से जालौन (51 किमी) और जालौन से औरैया (50 किमी) तक के हिस्से शामिल हैं।
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