
उत्तर प्रदेश के गोंडा से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है. कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित चंदा चोरी और वहां की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर से बेहद तीखा बयान दिया है. उन्होंने अयोध्या और राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि राम मंदिर की सुरक्षा देश के राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और संसद भवन की तर्ज पर की जानी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण मामले में 3 अगस्त को आने वाले अदालत के फैसले पर भी अपनी बात रखी है.
'सुरक्षा के बहाने आम जनता को अयोध्या से काटा गया'
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या में लगाए गए सुरक्षा बैरियरों की आलोचना करते हुए कहा, "इतने बैरियर क्यों लगाए गए और इससे क्या लाभ मिला? अयोध्या की सुरक्षा को एकदम पीएम हाउस या राष्ट्रपति भवन की तर्ज पर अपग्रेड करना चाहिए था, लेकिन सुरक्षा के नाम पर जो तरीके अपनाए गए, उसका खामियाजा यह हुआ कि आज राम मंदिर से आम जनमानस और गरीब जनता कट गई है." कथित भ्रष्टाचार पर बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी को लेकर उन्होंने तब आवाज उठाई थी जब किसी ने मुंह नहीं खोला था.
'जांच पूरी होने पर फिर खोलूंगा पोल'
अयोध्या के रंग महल मंदिर के पास लगे बैरियरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सब किसी के इशारे पर हो रहा था. फिलहाल पूरे मामले की जांच चल रही है और लोग अपना काम कर रहे हैं. बृजभूषण सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "अभी जांच चल रही है इसलिए मेरा बोलना नहीं बनता, लेकिन जैसे ही जांच पूरी हो जाएगी, मैं एक बार फिर सामने आऊंगा और बताऊंगा कि जांच सही हुई है या गलत."
यौन शोषण मामले पर बोले- 'दोषी मिला तो फांसी पर लटक जाऊंगा'
वहीं, कोर्ट में चल रहे यौन शोषण के संवेदनशील मामले में 3 अगस्त को आने वाले कोर्ट के फैसले पर पूर्व सांसद ने अपनी पुरानी बात दोहराई. उन्होंने कहा, "3 अगस्त के लिए फैसला सुरक्षित (Reserve) रख लिया गया है, जो कि एक कानूनी प्रक्रिया है. मैंने पहले भी कहा था और आज भी कायम हूं कि अगर यह आरोप सच साबित हुआ, तो मैं फांसी पर लटकने को तैयार हूं. शिकायत करने वाले लोग न तो सही समय बता पा रहे हैं, न साल और न ही घटना की जगह. मेरे वकील ने कोर्ट में पूरी बात मजबूती से रखी है."
रिटायर्ड IAS ने चंपत राय पर लगाए गंभीर आरोप
इस बीच, राम मंदिर को सोने से जड़ित 'श्रीरामचरितमानस' भेंट करने वाले एक रिटायर्ड आईएएस (IAS) और पूर्व गृह सचिव ने भी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के व्यवहार पर नाराजगी जताई है. पूर्व अधिकारी ने भावुक होते हुए कहा, "मैंने अपनी माता जी के गहनों और अपनी जमा-पूंजी से सोने की श्रीरामचरितमानस बनवाई थी. कुछ दिनों तक तो उसका अपडेट मिला, लेकिन अब बताया जा रहा है कि वह गार्ड रूम में धूल खा रही है. चंपत राय का व्यवहार बेहद खराब था और मैं चढ़ावा चोरी की खबरों से बहुत आहत हूं." पूर्व आईएएस अधिकारी अब भगवान श्रीराम की स्वर्ण जड़ित तस्वीर के चरणों में बैठकर सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं.
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