News India Live, Digital Desk: लखनऊ के विकास नगर (सेक्टर-11) की झुग्गी बस्ती में बुधवार शाम लगी भीषण आग के बाद गुरुवार सुबह का सूरज एक बेहद दुखद खबर लेकर आया। दमकल और पुलिस विभाग द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान मलबे से दो मासूम बच्चियों के शव बरामद किए गए हैं। इस अग्निकांड ने न केवल दो जिंदगियां लीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों के सिर से छत भी छीन ली है।हादसे का ताजा अपडेटमृतकों की पहचान: मलबे से मिलीं दोनों बच्चियां सगी बहनें थीं। उनकी पहचान 2 वर्षीय श्रुति और उसकी 2 महीने की छोटी बहन के रूप में हुई है। ये बाराबंकी के काशीपुरवा गांव के रहने वाले सतीश की बेटियां थीं।कैसे हुआ हादसा: पुलिस के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि बच्चियों को बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिला। वे अपनी झोपड़ी के अंदर ही फंस गई थीं।तबाही का पैमाना: भीषण आग के कारण लगभग 280 से 1000 के बीच झुग्गियां (विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार) जलकर राख हो गई हैं। करीब 1000 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं।विस्फोटों का सिलसिला: बस्ती में रखे 50 से अधिक एलपीजी सिलेंडर फटने के कारण आग ने विकराल रूप धारण किया, जिससे राहत कार्य में भी काफी बाधा आई।प्रशासन की कार्रवाईमुख्यमंत्री का निर्देश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को तत्काल राहत व पुनर्वास कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।जांच के आदेश: प्रशासन ने आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह बस्ती ‘आवास विकास परिषद’ की जमीन पर अवैध रूप से बसी थी।मुआवजा और मदद: प्रभावितों को रैन बसेरों में स्थानांतरित किया गया है और उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मदद के लिए भटकते लोगगुरुवार सुबह से ही लोग अपनी राख हो चुकी झोपड़ियों में अपना बचा-खुचा सामान और जीवनभर की कमाई तलाश रहे हैं। कई लोगों ने अपनी बेटियों की शादी के लिए जमा किए गए पैसे और गहने इस आग में खो दिए हैं। इलाके में अभी भी धुएं और सिसकियों का माहौल है।
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