Thursday , June 18 2026

राज्य सूचना आयोग ने सूचना न देने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पर रू0 25,000 का जुर्माना लगाया

राज्य सूचना आयोग, उत्तर प्रदेश के माननीय राज्य सूचना आयुक्त श्री स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता द्वारा अपील/शिकायत संख्या ै06/ब्/0121/2025 में पारित आदेश के क्रम में अवगत कराया जाता है कि शिकायतकर्ता श्री मोहम्मद शोएब द्वारा दिनांक 17.12.2024 को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के अंतर्गत राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित नर्सरी विद्यालयों से संबंधित विभिन्न सूचनाएं मांगी गई थीं।
प्रकरण में वांछित सूचना निर्धारित समयावधि में उपलब्ध न कराए जाने पर शिकायतकर्ता द्वारा राज्य सूचना आयोग में शिकायत प्रस्तुत की गई। आयोग द्वारा प्रकरण की सुनवाई हेतु संबंधित जनसूचना अधिकारी/जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अलीगढ़ को अनेक अवसर प्रदान करते हुए नोटिस जारी किए गए, किंतु न तो आयोग के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित की गई और न ही कोई संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि शिकायतकर्ता को उसके आवेदन के संबंध में कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई थी। आयोग ने पाया कि संबंधित जनसूचना अधिकारी द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया तथा आयोग द्वारा जारी नोटिसों की भी उपेक्षा की गई।
उक्त परिस्थितियों में माननीय राज्य सूचना आयुक्त ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के अनुरूप शिकायतकर्ता के आवेदन में नामित जनसूचना अधिकारी श्री राकेश कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अलीगढ़ को दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उनके ऊपर 25000 रू0 का जुर्माना किया गया है।
राज्य सूचना आयोग ने स्पष्ट किया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत समयबद्ध एवं पारदर्शी रूप से सूचना उपलब्ध कराना प्रत्येक जनसूचना अधिकारी का वैधानिक दायित्व है तथा अधिनियम के प्रावधानों की अवहेलना पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।