
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार का दिन कुल मिलाकर काफी शानदार और हरा-भरा रहा, लेकिन इसके बावजूद कुछ चुनिंदा शेयरों में निवेशकों की भारी बिकवाली देखने को मिली। ऐसा ही एक बड़ा मामला थंगामयिल ज्वैलरी (Thangamayil Jewellery) के शेयर में देखने को मिला, जहां जबरदस्त बिकवाली का दबाव इतना अधिक बढ़ गया कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई (BSE) पर यह शेयर सीधे 10 प्रतिशत लुढ़ककर 6,461 रुपये के लोअर सर्किट पर जा पहुंचा। हैरान करने वाली बात यह है कि बाजार में यह भूचाल तब आया है जब कंपनी ने जून तिमाही (Q1 FY27) के दौरान अपनी वित्तीय सेहत का शानदार प्रदर्शन करते हुए जबरदस्त आंकड़े पेश किए हैं।
कैसे रहे जून तिमाही के वित्तीय नतीजे
थंगामयिल ज्वैलरी द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 में समाप्त हुई तिमाही के दौरान कंपनी ने 85 करोड़ रुपये का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। अगर इसकी तुलना पिछले साल की समान तिमाही से करें, तब कंपनी का शुद्ध मुनाफा 45.7 करोड़ रुपये था, जिसके हिसाब से इसमें सालाना आधार पर 86 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा कंपनी का ऑपरेशन से होने वाला रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 71.2 प्रतिशत उछलकर 2,666.4 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 1,558 करोड़ रुपये था। कंपनी का एबिटा (EBITDA) भी एक साल पहले के 87 करोड़ रुपये से 66.2 प्रतिशत बढ़कर 144.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, हालांकि मामूली रूप से एबिटा मार्जिन पिछले साल के 5.6% से थोड़ा घटकर 5.4% पर आ गया।
क्यों घटी सोने की मांग और क्या रही शेयर गिरने की असली वजह
शानदार मुनाफे के बावजूद शेयर में लोअर सर्किट लगने के पीछे कंपनी के बिजनेस से जुड़े कुछ बड़े कारण जिम्मेदार हैं। चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही के दौरान कंपनी की सेम-स्टोर सेल्स (SSS) में 44.4% की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछली तिमाही में यह बढ़त 72.3% थी। थंगामयिल ज्वैलरी ने स्पष्ट किया कि सोने की बिक्री का वॉल्यूम अपेक्षाकृत कम रहा क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। इसके अलावा मुख्य रूप से 13 मई 2026 से सोने पर आयात शुल्क (Import Duty) को 6% से बढ़ाकर 15% किए जाने और भारतीय रुपये की कीमत में आई भारी गिरावट का असर ग्राहकों की खरीदारी पर पड़ा। कई ग्राहकों ने इस उम्मीद में गहनों की खरीद टाल दी कि भविष्य में सोने की कीमतें कम हो सकती हैं। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और अनिश्चितता के माहौल तथा प्रवासी भारतीयों द्वारा भेजे जाने वाले रेमिटेंस में कमी आने के कारण भी सोने की मांग प्रभावित हुई है, हालांकि कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में बाजार में सुधार देखने को मिलेगा।
स्टॉक का अब तक का शानदार परफॉर्मेंस
थंगामयिल ज्वैलरी के शेयरों के लंबे इतिहास और प्रदर्शन पर नजर डालें तो इस गिरावट से पहले इस स्टॉक ने अपने निवेशकों को ताबड़तोड़ रिटर्न दिया है। पिछले एक महीने में इस शेयर ने 10%, तीन महीनों में 62% और पिछले छह महीनों में 85% का शानदार रिटर्न दर्ज किया है। वहीं, अगर पिछले एक साल की बात की जाए तो इस स्टॉक ने निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न देते हुए 249% की बढ़त हासिल कराई है, जबकि पिछले पांच वर्षों के दौरान इस शेयर ने 1,370% का बंपर रिटर्न दिया है। हाल ही में 28 जुलाई को इस शेयर ने अपने 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 7,429 रुपये को छुआ था, जबकि इसका 52 हफ्ते का सबसे निचला स्तर 1,774.35 रुपये रहा है।
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