
News India Live, Digital Desk : हम भारतीय खाने के शौकीन तो होते हैं, लेकिन जब दाल की बात आती है, तो हमारी सुई अक्सर अरहर (तुअर), मूंग या मसूर पर ही अटक जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे किचन में एक ऐसी “छिपी हुई हीरो” भी है, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं? मैं बात कर रहा हूं कुल्थी की दाल (Kulthi Dal / Horse Gram) की।जी हां, वही दाल जिसे पुराने जमाने में लोग ‘घोड़ों का खाना’ कहकर चिढ़ाते थे क्योंकि यह घोड़ों को ताकत देने के लिए खिलाई जाती थी। लेकिन विज्ञान और हमारे बुजुर्ग अब मान चुके हैं कि यह इंसानों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है, खासकर सर्दियों में।आइए बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि अगर आप हफ्ते में दो-तीन बार भी कुल्थी खाना शुरू कर दें, तो शरीर में क्या बदलाव आएंगे।1. पथरी (Kidney Stone) को तोड़कर बाहर निकालती हैअगर आपके या पहचान में किसी को गुर्दे में पथरी की शिकायत है, तो कुल्थी का नाम उनके लिए रामबाण है। यह दाल अपनी ‘गर्म तासीर’ और खास गुणों के लिए जानी जाती है जो पथरी को धीरे-धीरे छोटे कणों में तोड़ देती है और पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देती है। कई लोग तो सिर्फ इसका पानी पीकर ही ऑपरेशन के खर्चे से बच गए हैं।2. सर्दियों का ‘हीटर’दिसंबर-जनवरी की कड़ाके की ठंड में जब हड्डियों में सर्दी बैठने लगती है, तब कुल्थी का सूप पीकर देखिए। इसकी तासीर गर्म होती है, जो शरीर को अंदर से गर्मी देती है। सर्दी-जुकाम और बुखार तो इसके आसपास भी नहीं भटकते।3. पेट की चर्बी पर सीधा वारअगर आप वजन कम (Weight Loss) करने की कोशिश कर रहे हैं और सलाद खा-खाकर पक चुके हैं, तो कुल्थी को डाइट में शामिल करें। इसमें प्रोटीन और फाइबर कूट-कूट कर भरा होता है। इसे खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती, जिससे आप फालतू की मंचिंग (snacks) से बच जाते हैं। और हां, यह बॉडी के मेटाबॉलिज्म को तेज करके चर्बी पिघलाने में मदद करती है।4. शुगर और कोलेस्ट्रॉल रहेगा कंट्रोलआजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में डाइबिटीज और दिल की बीमारियां आम हो गई हैं। कुल्थी में ऐसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने में मदद करते हैं और बैड कोलेस्ट्रॉल को नसों में जमने नहीं देते।कैसे खाएं?जरूरी नहीं कि आप इसकी दाल ही बनाएं। आप इसे रात भर भिगोकर अगली सुबह इसका पानी पी सकते हैं, उबालकर इसका सूप बना सकते हैं या फिर अंकुरित (sprouts) करके सलाद में डाल सकते हैं। इसका स्वाद थोड़ा कसैला (earthy) हो सकता है, लेकिन सेहत के फायदों के आगे वो कुछ भी नहीं है।तो अगली बार जब बाज़ार जाएं, तो अरहर दाल के साथ-साथ एक पैकेट कुल्थी का भी जरूर उठा लाएं। यह ‘सस्ता और टिकाऊ’ इलाज है!
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