
कमोडिटी बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई है, जिसने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को हैरान कर दिया है। इस साल यह पहली बार हुआ है जब सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे खिसक गई है। केवल सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की चमक भी पूरी तरह फीकी पड़ गई है और वह भी अपने इस साल के सबसे निचले स्तर (Yearly Low) पर आ गई है।
वैश्विक बाजारों में सोने का रिकॉर्ड स्तर टूटा
अंतरराष्ट्रीय सराफा बाजार में बीते कुछ समय से चल रही उथल-पुथल के बाद सोने की कीमतों को बड़ा झटका लगा है। लगातार जारी बिकवाली के दबाव के कारण सोना इस साल पहली बार 4,000 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े के नीचे बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक नीतियों में बदलाव, मजबूत होते डॉलर और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लेकर लिए गए फैसलों ने सोने की सुरक्षित निवेश वाली छवि पर थोड़ा दबाव बनाया है, जिससे कीमतों में यह तेज गिरावट आई है।
चांदी की चमक भी पड़ी फीकी, साल के सबसे निचले स्तर पर
सोने के साथ-साथ औद्योगिक और आभूषण क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली चांदी को भी तगड़ा झटका लगा है। चांदी की कीमतें भी अपने इस साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई हैं। औद्योगिक मांग में आई कमी और वैश्विक स्तर पर मंदी के डर ने चांदी की कीमतों को नीचे धकेलने का काम किया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब तक ग्लोबल मार्केट में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी नहीं आती, तब तक चांदी की कीमतों में रिकवरी थोड़ी धीमी रह सकती है।
भारतीय बाजार (MCX) और स्थानीय सराफा पर क्या होगा असर
वैश्विक बाजार में आई इस ऐतिहासिक गिरावट का सीधा और बड़ा असर भारतीय वायदा बाजार (MCX) के साथ-साथ आपके नजदीकी और स्थानीय सराफा बाजारों (Local Bullion Markets) पर भी देखने को मिलने वाला है। भारत में शादियों के सीजन और त्योहारों से ठीक पहले आई इस गिरावट से आम उपभोक्ताओं और आभूषण निर्माताओं के चेहरे खिल गए हैं। स्थानीय डीलरों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह मंदी कुछ दिन और टिकी रही, तो घरेलू स्तर पर सोने और चांदी के गहने काफी सस्ते हो सकते हैं, जिससे रिटेल काउंटर्स पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
क्या अब सोना-चांदी खरीदने का है सही समय
बाजार के दिग्गजों और कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि सोने का $4,000 से नीचे जाना लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक बेहतरीन मौका (Buying Opportunity) साबित हो सकता है। भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोने को हमेशा से एक सुरक्षित संपत्ति माना गया है। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस बड़ी गिरावट का फायदा उठाते हुए निवेशकों को घबराने के बजाय 'बाय ऑन डिप्स' यानी हर गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी करने की रणनीति अपनानी चाहिए।
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