
आज के समय में वित्तीय सुरक्षा (Financial Security) के लिए टर्म इंश्योरेंस (Term Insurance) खरीदना हर व्यक्ति की पहली प्राथमिकता बन गया है। परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने का यह सबसे किफायती और बेहतरीन जरिया माना जाता है। हालांकि, इसे खरीदते समय लोग अक्सर ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे क्लेम के समय भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यदि आप भी टर्म प्लान लेने की योजना बना रहे हैं, तो इन जरूरी बातों को नजरअंदाज बिल्कुल न करें। सही रणनीति और पूरी जानकारी के साथ लिया गया बीमा ही आपके परिवार के लिए सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।
सही सम एश्योर्ड (Sum Assured) का चुनाव कैसे करें
टर्म इंश्योरेंस लेते समय सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि बीमा राशि यानी सम एश्योर्ड कितना होना चाहिए। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, आपकी बीमा राशि आपकी सालाना आय का कम से कम 15 से 20 गुना होनी चाहिए। इसके अलावा, आपको अपने भविष्य के खर्चों जैसे बच्चों की उच्च शिक्षा, उनकी शादी, घर का लोन और परिवार के अन्य दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखना चाहिए। अगर आप कम सम एश्योर्ड का प्लान चुनते हैं, तो महंगाई के दौर में वह राशि आपके परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए कम पड़ सकती है। इसलिए अपनी मौजूदा आय और देनदारियों का सही आंकलन करने के बाद ही फैसला लें।
पॉलिसी लेते समय कभी न छुपाएं मेडिकल हिस्ट्री और पर्सनल डिटेल्स
बीमा कंपनियों से पॉलिसी लेते समय अपनी हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी जानकारियां छुपाना सबसे बड़ी भूल साबित हो सकता है। कई लोग प्रीमियम का खर्च कम करने के चक्कर में धूम्रपान, शराब पीने की आदत या पुरानी बीमारियों के बारे में एजेंट या कंपनी को नहीं बताते हैं। बीमा कंपनियां पॉलिसी बेचते समय तो आसानी से फॉर्म स्वीकार कर लेती हैं, लेकिन जब परिवार क्लेम के लिए आवेदन करता है, तो कंपनी दस्तावेजों की गहराई से जांच करती है। यदि मेडिकल जांच में कोई पुरानी बात छिपाई हुई पाई जाती है, तो कंपनी क्लेम को सीधे तौर पर खारिज कर सकती है। इसलिए फॉर्म भरते समय हर एक जानकारी बिल्कुल सच और स्पष्ट दें।
राइडर्स (Riders) को जोड़कर अपने प्लान को बनाएं और भी ज्यादा मजबूत
सिर्फ बेसिक टर्म प्लान खरीदने के बजाय आपको अपनी जरूरत के हिसाब से उसमें राइडर्स यानी अतिरिक्त लाभ जरूर जोड़ने चाहिए। क्रिटिकल इलनेस राइडर, एक्सीडेंटल डेथ बेनिफिट राइडर और वेवर ऑफ प्रीमियम राइडर ऐसे विकल्प हैं जो मुश्किल समय में बहुत काम आते हैं। उदाहरण के लिए, यदि पॉलिसी अवधि के दौरान कोई गंभीर बीमारी हो जाती है, तो क्रिटिकल इलनेस राइडर के तहत आपको अलग से आर्थिक मदद मिलती है। हालांकि इन राइडर्स को जोड़ने पर प्रीमियम थोड़ा बढ़ जाता है, लेकिन आपात स्थिति में यह निवेश आपके और आपके परिवार के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है और भविष्य के बड़े वित्तीय संकटों से बचाता है।
क्लेम सेटलमेंट रेशो (Claim Settlement Ratio) और कंपनी की विश्वसनीयता
किसी भी बीमा कंपनी से टर्म इंश्योरेंस खरीदने से पहले उस कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशो यानी सीएसआर जरूर जांच लेना चाहिए। जिस कंपनी का सीएसआर 97 प्रतिशत या उससे अधिक हो, उसे काफी भरोसेमंद माना जाता है। इसका मतलब होता है कि उस कंपनी ने अपने ग्राहकों के दावों का सफलतापूर्वक भुगतान किया है। इसके अलावा, कंपनी का सॉल्वेंसी रेशो भी देखें जो उसकी वित्तीय सेहत को दर्शाता है। सिर्फ कम प्रीमियम के लालच में किसी ऐसी नई या छोटी कंपनी से बीमा न लें, जिसका ट्रैक रिकॉर्ड बाजार में अच्छा न हो, क्योंकि टर्म इंश्योरेंस एक लंबे समय का कमिटमेंट है।
पॉलिसी के नियम और एक्सक्लूजन (Exclusions) को ध्यान से पढ़ें
अधिकतर लोग एजेंट की बातों पर भरोसा करके पॉलिसी के दस्तावेजों को बिना पढ़े ही साइन कर देते हैं, जो बाद में भारी नुकसान का कारण बनता है। हर बीमा पॉलिसी में कुछ ऐसे नियम होते हैं जिनके तहत कंपनी क्लेम का भुगतान नहीं करती है, जिन्हें एक्सक्लूजन कहा जाता है। इसमें आत्महत्या, कुछ खास एडवेंचर स्पोर्ट्स के दौरान होने वाली दुर्घटनाएं या युद्ध जैसी स्थितियां शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा, पॉलिसी के शुरुआती कुछ सालों के नियमों और फ्री-लुक पीरियड के बारे में भी पूरी जानकारी रखें। यदि आपको पॉलिसी की शर्तें समझ नहीं आ रही हैं, तो किसी वित्तीय सलाहकार की मदद लें ताकि भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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